Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Raghuram Rajan warns Hire Act could hit India harder Not goods but services at risk
अमेरिका का यह प्रस्ताव बेहद खतरनाक... रघुराम राजन की भारत को बड़ी चेतावनी

अमेरिका का यह प्रस्ताव बेहद खतरनाक... रघुराम राजन की भारत को बड़ी चेतावनी

संक्षेप:

रघुराम राजन ने अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जबकि H-1B वीजा शुल्क बढ़ोतरी से केवल अल्पकालिक झटका लग सकता है, लेकिन HIRE अधिनियम के जरिये अमेरिका अगर आउटसोर्स की गई सेवाओं पर टैरिफ लगाना शुरू करता है, तो इसका असर लंबे समय तक रह सकता है।

Sun, 2 Nov 2025 11:42 AMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Raghuram Rajan: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने अमेरिका में प्रस्तावित HIRE Act (Help In-sourcing and Repatriating Employment Act) को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यह प्रस्तावित कानून भारत की सेवा निर्यात और ग्लोबल टैलेंट आपूर्ति श्रृंखला के लिए H-1B वीजा शुल्क में हाल ही में हुई 1 लाख डॉलर की वृद्धि से कहीं अधिक गंभीर खतरा बन सकता है। राजन ने अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म DeKoder को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जबकि H-1B वीजा शुल्क बढ़ोतरी से केवल अल्पकालिक झटका लग सकता है, लेकिन HIRE अधिनियम के जरिये अमेरिका अगर आउटसोर्स की गई सेवाओं पर टैरिफ लगाना शुरू करता है, तो इसका असर लंबे समय तक रह सकता है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

सर्विस सेक्टर पर टैरिफ लगने की आशंका सबसे बड़ी चिंता

राजन ने कहा, 'हमारी सबसे बड़ी चिंता वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ से नहीं, बल्कि सेवाओं पर टैरिफ लगाए जाने की संभावना से है। यह एक वास्तविक खतरा है। अमेरिकी कांग्रेस में HIRE अधिनियम पर चर्चा चल रही है, जिसका उद्देश्य आउटसोर्स सेवाओं पर टैरिफ लगाना है। यह कैसे लागू किया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन अगर टैरिफ धीरे-धीरे वस्तुओं से आगे बढ़कर सेवाओं और H-1B वीज़ा धारकों तक पहुंच गए, तो यह भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय होगा।'

अमेरिकी टैरिफ से पहले ही प्रभावित है भारत

पूर्व RBI गवर्नर ने यह भी कहा कि भारत पहले ही अमेरिका के रिकॉर्ड स्तर के 50% टैरिफ से प्रभावित है, जो चीन के 47% टैरिफ से भी अधिक है। उन्होंने कहा, “यह भारत के कुछ प्रमुख उद्योगों (विशेषकर टेक्सटाइल (वस्त्र)) के लिए बड़ी समस्या है। अमेरिका के त्योहार सीजन में हमारी सप्लाई प्रभावित हो रही है। आगे जाकर हमें यह नहीं होने देना चाहिए कि जिन आपूर्ति श्रृंखलाओं को हमने वर्षों में बनाया है, वे स्थायी रूप से बाधित हो जाएं।'

भारत को टैरिफ घटाने के लिए करना होगा कड़ा प्रयास

राजन ने भारत सरकार से अपील की कि वह अमेरिका के साथ जारी वार्ताओं में टैरिफ स्तर घटाने पर जोर दे। उन्होंने कहा, 'यह बेहद जरूरी है कि भारत के टैरिफ जल्दी से जल्दी कम किए जाएं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां हमारी श्रम-प्रधान उद्योगों ने अमेरिकी बाजार में अच्छी पकड़ बनाई है। अगर इन पर ऊंचे टैरिफ लागू रहे, तो हमारी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को नुकसान होगा।'

H-1B वीजा शुल्क वृद्धि का असर सीमित रहेगा

H-1B वीजा शुल्क वृद्धि पर बोलते हुए राजन ने कहा कि इसका असर उतना गंभीर नहीं होगा जितना शुरू में अनुमान लगाया जा रहा था। उन्होंने कहा, “समय के साथ भारतीय कंपनियों की H-1B वीज़ा पर निर्भरता कम होती जा रही है, क्योंकि अब बहुत कुछ वर्चुअल नेटवर्क्स के माध्यम से किया जा सकता है, बिना किसी व्यक्ति की भौतिक उपस्थिति के।' राजन ने आगे कहा कि नए शुल्क मौजूदा H-1B वीजा धारकों या STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) विषयों के ग्रेजुएट्स पर लागू नहीं होंगे। कंपनियां अपनी भर्ती रणनीति में बदलाव कर सकती हैं। उन्होंने बताया, 'भारतीय कंपनियां अब अमेरिका में पढ़े छात्रों को वहीं से भर्ती कर सकती हैं, या फिर फ्रंट-एंड कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को नियुक्त कर सकती हैं, जबकि बाकी काम वर्चुअल रूप से भारत से किया जा सकता है।'

भारत में बढ़ेगा ग्लोबल कंपनियों का ऑपरेशन नेटवर्क

राजन ने कहा कि इस तरह के बदलाव से भारत में ग्लोबल कंपनियों के संचालन केंद्र (Global Capability Centres - GCCs) और भी मजबूत हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियां, जो पहले H-1B वीज़ा के ज़रिए भारत से कर्मचारियों को बुलाती थीं, अब अधिक लोगों को भारत में ही नियुक्त करेंगी। वे अपने भारतीय GCCs के माध्यम से काम को रिमोट तरीके से संचालित करेंगी।'

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak
वर्षा पाठक बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर करीब 2 साल से हिन्दुस्तान डिजिटल से जुड़ी हुई हैं। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) की रहने वाली वर्षा लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय वर्षा ने यहां से पहले दैनिक भास्कर और नेटवर्क 18 में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। करियर की छोटी अवधि में ही वर्षा के काम की ना सिर्फ सराहना हुई है बल्कि सम्मानित भी किया गया है। वर्षा ने जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री ली। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।