रिलायंस समेत इन 9 शेयरों से बाहर निकला क्वांट स्मॉल कैप फंड, जोड़े ये 5 गजब स्टॉक्स
मुख्य बातें
- क्वांट स्मॉल कैप फंड (Quant Small Cap Fund) ने जून 2026 में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया है
- ये फंड रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) समेत 9 शेयरों से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया है
- वहीं, इसने 5 नए शेयर जोड़े और RBL बैंक में अपनी हिस्सेदारी करीब 449% बढ़ा दी है

कंदेश के प्रमुख स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड्स में शामिल क्वांट स्मॉल कैप फंड (Quant Small Cap Fund) ने जून 2026 में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया है। करीब ₹33,739 करोड़ की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाले इस फंड ने एक तरफ 5 नए शेयर अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए, तो दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) समेत 9 कंपनियों से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया। फंड की इस रणनीति ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि क्वांट स्मॉल कैप फंड अपने आक्रामक निवेश और तेजी से पोर्टफोलियो बदलने के लिए जाना जाता है।
जून के दौरान फंड ने टेलीकॉम, बैंकिंग, हाउसिंग फाइनेंस, फार्मा और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की पांच नई कंपनियों में निवेश शुरू किया। हालांकि, फंड ने इन नए शेयरों के साथ-साथ अपने पुराने निवेश में भी कई बदलाव किए। सबसे बड़ा दांव RBL बैंक पर लगाया गया, जहां फंड ने अपनी हिस्सेदारी लगभग 449% बढ़ा दी। इसके अलावा सोना BLW Precision Forgings और आनंद राठी वेल्थ (Anand Rathi Wealth) में भी बड़ी खरीदारी की गई। वहीं, अपोलो टायर्स (Apollo Tyres), अडानी इंटरप्राइसेस (Adani Enterprises), IRB इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) और HFCL में भी फंड ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इससे संकेत मिलता है कि फंड मैनेजर आने वाले समय में इन सेक्टरों में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं।
| स्टॉक | May Qty | June Qty | Change (%) |
|---|---|---|---|
| RBL बैंक | 91.06 lakh | 5.00 crore | +449% |
| Sona BLW Precision Forgings | 27.51 lakh | 78.95 lakh | +187% |
| Anand Rathi Wealth | 23.73 lakh | 47.47 lakh | +100% |
| Apollo Tyres | 28.46 lakh | 39.92 lakh | +40% |
| Lloyds Metals & Energy | 5.85 lakh | 7.83 lakh | +34% |
| Adani Enterprises | 30.24 lakh | 40.40 lakh | +34% |
| BlackBuck | 16.55 lakh | 21.60 lakh | +31% |
| IRB Infrastructure Developers | 7.33 crore | 8.95 crore | +22% |
दूसरी ओर क्वांट स्मॉल कैप फंड (Quant Small Cap Fund) ने कई शेयरों में मुनाफावसूली भी की। सबसे चर्चित फैसला रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) से पूरी तरह बाहर निकलने का रहा। इसके अलावा फंड ने ग्लैंड फार्मा (Gland Pharma), सुवेन लाइफ साइंसेस (Suven Life Sciences), बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini Mills), कायनेस टेक्नोलॉजी इंडिया (Kaynes Technology India), एक्जीकॉम टेली-सिस्टम (Exicom Tele-Systems), एक्साइड इंडस्ट्रीज (Exide Industries), प्राज इंडस्ट्रीज (Praj Industries) और साई पैरेंटरल्स (Sai Parenterals) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी। रिलायंस जैसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक से बाहर निकलना यह दिखाता है कि फंड फिलहाल स्मॉल और मिडकैप शेयरों में अधिक अवसर तलाश रहा है।
फंड ने सिर्फ पूरी तरह एग्जिट ही नहीं किया, बल्कि कई मौजूदा शेयरों में अपनी हिस्सेदारी भी कम की। EID Parry (India) में सबसे ज्यादा कटौती की गई। इसके बाद NBCC (India), मैन इंफ्राकंसट्रक्शन (Man Infraconstruction), वियाश साइंटफिक (Viyash Scientific), सुला वाइनयार्ड्स (Sula Vineyards), एंथेम बॉयोसाइंसेज (Anthem Biosciences) और ओरिएंटल होटल्स (Oriental Hotels) में भी निवेश घटाया गया। यह कदम बताता है कि फंड मैनेजर उन कंपनियों से दूरी बना रहे हैं, जहां उन्हें फिलहाल सीमित रिटर्न की संभावना दिख रही है।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह रहा कि क्वांट स्मॉल कैप फंड (Quant Small Cap Fund) ने TREPS (Treasury Bills Repurchase) में अपना निवेश 5.34% से घटाकर 4.01% कर दिया। इसका मतलब है कि फंड ने नकदी या कम जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर अधिक राशि सीधे शेयर बाजार में लगाई है। यह आमतौर पर तब किया जाता है, जब फंड मैनेजर को बाजार में अच्छे निवेश अवसर दिखाई देते हैं।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि किसी म्यूचुअल फंड के पोर्टफोलियो में बदलाव का मतलब यह नहीं होता कि वे भी तुरंत वही शेयर खरीदें या बेचें। फंड मैनेजर का निवेश निर्णय उनके रिसर्च, जोखिम प्रबंधन और लंबी अवधि की रणनीति पर आधारित होता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि का आकलन जरूर करें। फिर भी, क्वांट स्मॉल कैप फंड (Quant Small Cap Fund) का जून पोर्टफोलियो यह संकेत जरूर देता है कि फंड अब बैंकिंग, ऑटो कंपोनेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टरों पर अधिक भरोसा जता रहा है।
| स्टॉक | May Qty | June Qty | Change (%) |
|---|---|---|---|
| EID Parry (India) | 27.38 lakh | 1.83 lakh | -93% |
| NBCC (India) | 4.03 crore | 1.71 crore | -58% |
| Man Infraconstruction | 60.30 lakh | 28.00 lakh | -54% |
| Viyash Scientific | 2.32 crore | 1.12 crore | -52% |
| Sula Vineyards | 41.94 lakh | 33.10 lakh | -21% |
| Anthem Biosciences | 36.83 lakh | 33.10 lakh | -10% |
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
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उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
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