अकाउंट में नहीं रखते हैं मिनिमिम बैलेंस? आपकी गलती से बैंक कर रहे जबरदस्त कमाई
वित्त मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में मिनिमिम बैलेंस न रखने के लिए अपने बचत खाता ग्राहकों से सभी पीएसयू बैंकों में सबसे ज्यादा कमाई की है।

PSU Bank news: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) बैंकों ने मिनिमिम बैलेंस और SMS चार्ज के नाम पर जमकर कमाई की है। इस मामले में खासतौर पर पंजाब नेशनल बैंक सबसे आगे है। संसद में वित्त मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में मिनिमिम बैलेंस न रखने के लिए अपने बचत खाता ग्राहकों से सभी पीएसयू बैंकों में सबसे ज्यादा कमाई की है। वहीं, SMS चार्ज से कमाई के मामले में सबसे आगे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
राज्य वित्त मंत्री पंकज चौधरी द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, तीन वित्त वर्षों में बचत खातों में मिनिमिम बैलेंस न रखने के लिए पीएनबी को अपने ग्राहकों से कुल 1,577.87 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा 1272.17 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि इंडियन बैंक 1,166.27 करोड़ रुपये प्राप्त करके तीसरे स्थान पर है। वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में ग्राहकों को एसएमएस सुविधा प्रदान करने के लिए सबसे अधिक राशि प्राप्त करने वाला बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया है। इस बैंक को वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में ग्राहकों को SMS चार्ज प्रोवाइड करने के लिए 1,188.14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। केनरा बैंक इसी सर्विस के लिए 506.28 करोड़ रुपये प्राप्त करके दूसरे स्थान पर है। बैंक ऑफ बड़ौदा तीन वित्त वर्षों में SMS चार्ज के रूप में 202.42 करोड़ रुपये प्राप्त करके तीसरे स्थान पर है।
क्या कहा पंकज चौधरी ने?
संसद में एक सवाल के जवाब में पंकज चौधरी ने बताया कि बैंक जीरो-बैलेंस बचत खाते प्रदान करते हैं, जिनमें बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खाते शामिल हैं। इन खातों में किसी भी न्यूनतम बैलेंस को बनाए रखने की जरूरत नहीं होती और इनमें जमा, निकासी और एटीएम उपयोग जैसी बेसिक बैंकिंग सेवाएं मुफ्त उपलब्ध होती हैं। इन खातों पर न्यूनतम बैलेंस न बनाए रखने के कारण कोई पेनल्टी भी नहीं लगाई जाती।





