मेट्रो शहरों से ज्यादा रिटर्न दे रहे हैं टियर-2 शहर! जानिए क्यों बढ़ रही है डिमांड
मुख्य बातें
- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नई कनेक्टिविटी, रोजगार के बढ़ते मौके और बड़े शहरों की तुलना में कम कीमतों की वजह से टियर-2 शहर रियल एस्टेट निवेशकों और घर खरीदारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं
- यही कारण है कि इन शहरों में घरों की मांग लगातार बढ़ रही है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न भी मिल रहा है

एक समय था जब घर खरीदने या प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए लोगों की पहली पसंद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहर होते थे। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नई कनेक्टिविटी, रोजगार के बढ़ते मौके और बड़े शहरों की तुलना में कम कीमतों की वजह से टियर-2 शहर रियल एस्टेट निवेशकों और घर खरीदारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। यही कारण है कि इन शहरों में घरों की मांग लगातार बढ़ रही है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न भी मिल रहा है।
इन शहरों में बढ़ी प्रॉपर्टी की मांग
रियल एस्टेट डेवलपर श्याम ग्रुप के मुताबिक टियर-2 शहर अब केवल रहने के लिए ही नहीं, बल्कि निवेश के लिहाज से भी मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं। कंपनी के मुताबिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, अलवर और धोलेरा जैसे शहरों में पिछले कुछ सालों के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े स्तर पर काम हुआ है। नई सड़कें, मेट्रो, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी ने इन शहरों में प्रॉपर्टी की मांग को तेजी से बढ़ाया है।
क्यों बढ़ रही है यहां मांग
कंपनी का मानना है कि पिछले पांच सालों में टियर-2 शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि बड़े शहरों में बढ़ती कीमतों के कारण लोग अब ऐसे शहरों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां कम बजट में बेहतर लोकेशन और आधुनिक सुविधाओं वाला घर मिल सके। इससे इन शहरों में प्रॉपर्टी की वैल्यू लगातार बढ़ रही है।
60 लाख में मिल जाएगा 3BHK फ्लैट
श्याम ग्रुप के डायरेक्टर हार्दिक शाह के अनुसार आज भी टियर-2 शहरों में 40 से 60 लाख रुपये के बजट में अच्छी लोकेशन पर 2 और 3 BHK फ्लैट खरीदे जा सकते हैं। वहीं, मेट्रो शहरों में इसी बजट में घर खरीदना काफी मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि मध्यमवर्गीय परिवार इन शहरों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। कंपनी का कहना है कि निवेश के लिहाज से भी टियर-2 शहर बेहतर मौके दे रहे हैं। जिन इलाकों में नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट, एक्सप्रेसवे, मेट्रो या अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं डेवलप हो रही हैं, वहां आने वाले सालों में प्रॉपर्टी की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में अभी निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
निवेश करते समय केवल कम कीमत नहीं, बल्कि डेवलपर की विश्वसनीयता, प्रोजेक्ट की लोकेशन, RERA मंजूरी और भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी ध्यान में रखना चाहिए। सही प्रोजेक्ट और सही स्थान का चुनाव करने पर टियर-2 शहरों में निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने के साथ-साथ घर खरीदने का सपना भी साकार कर सकता है।


