इस दिन तक आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? सरकार कर रही बड़ी तैयारी - जानिए डिटेल
PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले सात साल के ट्रेंड को देखें तो सरकार आमतौर पर दिसंबर–मार्च वाली किस्त जनवरी या फरवरी में जारी करती रही है।

PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले सात साल के ट्रेंड को देखें तो सरकार आमतौर पर दिसंबर–मार्च वाली किस्त जनवरी या फरवरी में जारी करती रही है। इस बार थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि मार्च 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में किसानों के खातों में ₹2,000 की अगली किस्त ट्रांसफर की जा सकती है।
किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद
इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है। योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी और अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पिछले वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो 2020 में 2 जनवरी, 2022 में 1 जनवरी, 2023 में 27 फरवरी, 2024 में 28 फरवरी और 2025 में 24 फरवरी को पहली किस्त जारी हुई थी। इससे साफ है कि सरकार आमतौर पर साल की पहली तिमाही में ही पैसा ट्रांसफर करती है।
सरकार कर रही बड़े पैमाने पर जांच
इस बार देरी की बड़ी वजह व्यापक वेरिफिकेशन अभियान बताया जा रहा है। सरकार लाभार्थियों की सूची को साफ और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21वीं किस्त के दौरान ही करीब 70 लाख नाम सूची से हटाए गए। जिन लोगों ने गलत तरीके से लाभ लिया, आयकरदाता होने के बावजूद पंजीकरण कराया, या जिनके दस्तावेज अधूरे थे, उनके नाम हटाए गए हैं।
क्या है वजह
नाम कटने की मुख्य वजहों में अधूरा e-KYC, जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, आधार का बैंक खाते से लिंक न होना, एक ही परिवार में डुप्लीकेट एंट्री और इनकम टैक्स भरने वाले किसानों का लाभ लेना शामिल है। सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने और सही किसानों तक मदद पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
22वीं किस्त पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले e-KYC पूरा होना अनिवार्य है, जिसे ऑनलाइन OTP, पीएम किसान मोबाइल ऐप के फेस ऑथेंटिकेशन या CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक के जरिए किया जा सकता है। इसके अलावा ‘Land Seeding’ और जमीन के रिकॉर्ड राज्य सरकार से सत्यापित होने चाहिए। बैंक खाता आधार से लिंक और सक्रिय होना जरूरी है, क्योंकि छोटी सी स्पेलिंग गलती भी भुगतान अटकवा सकती है।
अगर किसी किसान का नाम पहले हट गया था लेकिन अब उसने सभी दस्तावेज ठीक कर लिए हैं, तो दोबारा पात्रता मिल सकती है। स्टेटस चेक करने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर “Know Your Status” विकल्प में रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा और देखना होगा कि e-KYC, Land Seeding और आधार बैंक सीडिंग तीनों में “Yes” दिख रहा है या नहीं। अगर कहीं “No” है तो तुरंत सुधार कर लें, ताकि मार्च में आने वाली किस्त बिना रुकावट खाते में पहुंच सके।
लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
और पढ़ें


