
पीएम-किसान की 21वीं किस्त का इंतजार खत्म, कब आएगी रकम, जानें डिटेल
बता दें कि पीएम किसान की 20वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी की गई थी, जो सीधे 8.5 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में जमा की गई थी। अगली किस्त अक्टूबर के आखिरी तक या नवंबर के पहले सप्ताह में वितरित होने की संभावना है।
PM Kisan 21st Instalment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना की 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं ये खबर आपके काम की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को राहत देने के लिए 21वीं किस्त दिवाली 2025 से पहले जमा की जा सकती है। केंद्र सरकार ने बाढ़ और बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के किसानों के लिए पीएम किसान निधि पहले ही जमा कर दी थी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 सितंबर, 2025 को इन राज्यों के किसानों को पैसे ट्रांसफर किए थे। बता दें कि पीएम किसान की 20वीं किस्त अगस्त 2025 में जारी की गई थी, जो सीधे 8.5 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में जमा की गई थी। अगली किस्त अब अक्टूबर के आखिरी तक या नवंबर के पहले सप्ताह में वितरित होने की संभावना है।

पीएम किसान योजना के बारे में
फरवरी 2019 में शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना, योग्य किसानों को 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये प्रदान करती है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को उनके कृषि खर्चों को पूरा करने और फसल के मौसम के बीच उनकी आजीविका का समर्थन करने में मदद करना है।
ई-केवाईसी जरूरी
पीएम किसान योजन के लिए ई-केवाईसी जरूरी है। ओटीपी-आधारित ई-केवाईसी पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध है। बायोमेट्रिक-आधारित ई-केवाईसी के लिए निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर से भी संपर्क किया जा सकता है। बता दें कि पीएम-किसान मोबाइल ऐप 24 फरवरी 2020 को लॉन्च किया गया।
साल 2023 में, इस ऐप को एक अतिरिक्त फेस ऑथेंटिकेशन फीचर के साथ लॉन्च किया गया। इससे दूरदराज के किसान बिना ओटीपी या फिंगरप्रिंट के अपना चेहरा स्कैन करके ई-केवाईसी कर सकेंगे। पोर्टल और मोबाइल ऐप स्व-पंजीकरण, लाभ स्थिति ट्रैकिंग और चेहरे की पहचान पर आधारित ई-केवाईसी जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। दूरदराज के इलाकों के किसान चेहरे के स्कैन के जरिए ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं, साथ ही पड़ोसियों की सहायता के लिए भी प्रावधान हैं।





