
पीएम ई-ड्राइव योजना का कमाल, भारत बना सबसे बड़ा ई-तिपहिया बाजार
वैश्विक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बाजार में 57 हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर पहुंच गया है। ब्राजील में आयोजित कॉप-30 में जारी शून्य-उत्सर्जन वाहन संक्रमण रिपोर्ट के अनुसार, फेम और पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं ने दोपहिया और तिपहिया वाहनों के तेज विद्युतिकरण में अहम भूमिका निभाई है।
भारत 2024 में वैश्विक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बाजार में 57 हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर पहुंच गया है। ब्राजील में आयोजित कॉप-30 में जारी शून्य-उत्सर्जन वाहन संक्रमण रिपोर्ट के अनुसार, फेम और पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं ने दोपहिया और तिपहिया वाहनों के तेज विद्युतिकरण में अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट बताती है कि इन नीतियों ने ईवी को किफायती बनाकर बड़े पैमाने पर अपनाने को बढ़ावा दिया है।
प्राइवेट सेक्टर और सरकार की साझेदारी, अंतिम-मील डिलीवरी में ईवी का बढ़ता उपयोग और चार्जिंग ढांचे का विस्तार भारत को इस परिवर्तन का वैश्विक चालक बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अब मध्यम और भारी वाहनों के विद्युतिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है।
एक्सेलरेटिंग टू जीरो कोएलिशन की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि फेम और पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं ने ईवी की शुरुआती लागत घटाकर उन्हें पेट्रोल–डीजल वाहनों के मुकाबले अधिक आकर्षक बनाया है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत लगभग 25 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 3.2 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि वाहनों और चार्जिंग ढांचे के लिए 315 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता का प्रावधान है।
ईवी सेल में निरंतर वृद्धि
विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपने सबसे बड़े मोटर सेगमेंट दोपहिया और तिपहिया का विद्युतिकरण प्राथमिकता से कर रहा है, जिससे उत्सर्जन में बड़ी कमी आएगी। रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि वैश्विक नीतिगत उतार-चढ़ाव के बावजूद उभरते देशों में ईवी अपनाने की गति मजबूत बनी हुई है। भारत में भी ईवी बिक्री में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है।
इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित भट्ट का कहना है कि पिछले साल भारत में बेचे गए सभी मोटर वाहनों में दोपहिया वाहनों का हिस्सा तीन-चौथाई से अधिक था। वास्तव में, दोपहिया और तिपहिया मिलकर कुल वाहन बिक्री का लगभग 80 फीसद थे।
ट्रकों के भी होंगे विद्युतिकरण
ऐसे में भारत अपने सबसे बड़े वाहन सेगमेंट के विद्युतिकरण को प्राथमिकता दे रहा है और इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अब सरकार पीएम ई-ड्राइव योजना के माध्यम से एक कदम आगे बढ़ रही है और मध्यम तथा भारी-भरकम ट्रकों के विद्युतिकरण को तेज करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू कर रही है। ये वाहन कुल वाहन स्टॉक का केवल तीन फीसदी हैं, लेकिन परिवहन-संबंधी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 44 फीसदी योगदान देते हैं। नीति का यह बदलाव समयोचित और स्वागतयोग्य है।





