पीएम आवास योजना: सरकार ने बताया कितने लोगों को मिला पक्का घर, आपका नाम है या नहीं? जानिए अपडेट
मुख्य बातें
- अगर आप भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए है
- केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) को लेकर नया आंकड़ा जारी किया है

अगर आप भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) को लेकर नया आंकड़ा जारी किया है। संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक गांव और शहर दोनों जगह लाखों परिवारों को पक्का घर मिल चुका है, जबकि बड़ी संख्या में घरों का निर्माण अभी जारी है। सरकार ने संसद में बताया है कि अब तक गांव और शहरों में कितने घर बनकर तैयार हो चुके हैं, कितने अभी बन रहे हैं और आगे कितने लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
गांव में कितने घर बने?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत अब तक 4.18 करोड़ घरों का टारगेट तय किया गया था। इनमें से 3.92 करोड़ घर मंजूर किए जा चुके हैं। अच्छी बात यह है कि 3.10 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं। हालांकि, अभी भी करीब 1.08 करोड़ घरों का निर्माण बाकी है। सरकार का कहना है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टारगेट के अनुसार काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले पांच सालों (2021-22 से 2025-26) के दौरान केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 1.34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का अमाउंट जारी किया है। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए करीब 41,924.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शहरों में क्या है स्टेटस?
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत अब तक 99.07 लाख घर बनकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1.27 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर किए गए हैं। इनमें 1.21 करोड़ घरों का निर्माण शुरू हो चुका है। सरकार ने पुराने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का पीरियड 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है ताकि पहले से मंजूर सभी घर समय पर पूरे किए जा सकें।
PMAY-U 2.0 में क्या नया?
सरकार ने 1 सितंबर 2024 से PMAY-U 2.0 शुरू किया है। इसका टारगेट अगले पांच सालों में 1 करोड़ एक्स्ट्रा शहरी परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। नई योजना के तहत घर बनाने, साझेदारी में किफायती आवास, किराये के सस्ते घर और ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग के आधार पर परियोजनाएं मंजूर की जाती हैं।
घर के साथ मिलती हैं ये सुविधाएं
सरकार का कहना है कि ग्रामीण योजना में सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि दूसरी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। अब तक 3.08 करोड़ घरों में शौचालय, 2.43 करोड़ घरों में पानी का कनेक्शन, 3.07 करोड़ घरों में बिजली और 2.90 करोड़ परिवारों को LPG कनेक्शन दिया जा चुका है। इसके अलावा 1.35 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से भी जोड़ा गया है। वहीं, शहरी योजना के तहत घरों के साथ पानी, बिजली, सड़क और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
सरकार के मुताबिक दोनों योजनाएं मांग आधारित हैं। लेकिन फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान सरकारी सर्वे के आधार पर होती है, जबकि शहरों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एजेंसियां लाभार्थियों का चयन करती हैं। सरकार का कहना है कि शहरी आवास परियोजनाओं को पूरा होने में आमतौर पर 12 से 36 महीने का समय लगता है। इसके लिए केंद्र लगातार राज्यों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को जल्द पक्का घर मिल सके।


