पैसे के साथ रहिए तैयार...PhonePe के आईपीओ का खत्म हुआ इंतजार
PhonePe Ipo news: फोनपे को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बाजार (सेबी) से आईपीओ लाने की मंजूरी मिल गई है और कंपनी जल्द ही इस संबंध में दस्तावेज दाखिल करेगी। आइए जान लेते हैं कंपनी का पूरा प्लान।

PhonePe Ipo news: फिनटेक कंपनी-फोनपे को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बाजार (सेबी) से आईपीओ लाने की मंजूरी मिल गई है और कंपनी जल्द ही इस संबंध में दस्तावेज दाखिल करेगी। यह उन निवेशकों के लिए खुशखबरी है जो आईपीओ पर दांव लगाकर कमाई की योजना बनाते हैं।
क्या है कंपनी का पूरा प्लान
न्यूज एजेंसी पीटीआई सूत्रों के अनुसार यह आईपीओ मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगी। कंपनी ऑफर फॉर सेल के जरिए 12,000 करोड़ रुपये (1.35 बिलियन डॉलर) जुटाने की सोच रही है। उम्मीद है कि इस ऑफर से फोनपे की वैल्यू करीब 15 बिलियन डॉलर हो जाएगी। आईपीओ में ऑफर फॉर सेल के तहत वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। यह कुल मिलाकर लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। वहीं, कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन आईपीओ के सलाहकार हैं।
पेमेंट मार्केट में लीड करती है कंपनी
यूपीआई ट्रांजैक्शन में 45 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ फोनपे भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट में लीड कर रही है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कंपनी ने 9.8 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसिड किए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 7,115 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था। यह पिछले साल के मुकाबले 40% ज्यादा है। कंपनी का फ्री कैश फ्लो भी पॉजिटिव हो गया और ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹1202 करोड़ रहा। इसका एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (ESOP कॉस्ट को छोड़कर) तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹630 करोड़ हो गया।
2015 में वजूद में आई कंपनी
फोनपे साल 2015 में वजूद में आई थी। कंपनी के 600 मिलियन से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और यह लगभग 50 मिलियन मर्चेंट्स के लिए पेमेंट सॉल्यूशन देता है। बहरहाल, फोनपे की पब्लिक लिस्टिंग भारत के डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर के लिए एक अहम बेंचमार्क तय करेगी और यह दूसरे फिनटेक यूनिकॉर्न के लिए भी रास्ता खोल सकती है जो पब्लिक मार्केट में आने की सोच रहे हैं।





