PhonePe आईपीओ से पहले ESOP पर चर्चा तेज, कैसे बन रहा ताकत, IPO के लिए क्या हैं संकेत?
PhonePe एक दिग्गज पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसने कैश रिजर्व को खत्म किए बिना विश्व स्तरीय प्रबंधन टीम तैयार की और खुद को IPO के लिए तैयार किया है। PhonePe का कैश फ्लो मजबूत है।

डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे (PhonePe) ने आईपीओ के जरिए शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी कर ली है। आईपीओ से पहले PhonePe के एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) को लेकर बहस छिड़ी हुई है। मीडिया के एक हिस्से में इसे कंपनी की बैलेंस शीट पर भारी बोझ के रूप में पेश किया गया, लेकिन अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) में कुछ अलग ही कहानी देखने को मिल रही है। आंकड़े देखने पर कहा जा सकता है कि PhonePe एक दिग्गज पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसने कैश रिजर्व को खत्म किए बिना विश्व स्तरीय प्रबंधन टीम तैयार की और खुद को IPO के लिए तैयार किया है।
कंपनी का कैश फ्लो मजबूत
PhonePe का कैश फ्लो मजबूत है। वित्त वर्ष 2025 की ही बात करें तो फोनपे (PhonePe) ने ऑपरेशन्स से 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का फ्री कैश फ्लो जनरेट किया है। अगर इन एकमुश्त ESOP चार्ज को अलग कर दिया जाए तो कंपनी का FY25 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स करीब 630 करोड़ रुपये रहा। इसका मतलब है कि कंपनी अपने बैंक बैलेंस को प्रभावित करने वाले हर मायने में पहले से ही मुनाफे में है। हालांकि, कंपनी के नुकसान का बड़ा हिस्सा शेयर-बेस्ड कम्पेनसेशन यानी ESOP से जुड़ा नॉन-कैश अकाउंटिंग चार्ज है।
मजबूत टीम के लिए मददगार
PhonePe का ESOP स्ट्रक्चर कंपनी के मैनेजमेंट को मजबूत बनाए रखने का टूल भी साबित हुआ है। PhonePe की लीडरशिप टीम लगभग एक दशक से कंपनी के साथ बनी हुई है। ये ऐसे दौर में देखने को मिल रहा है जब कई स्टार्टअप्स में टॉप मैनेजमेंट लगातार बदलाव कर रहा है। कंपनी ने मैनेजमेंट को हाई कैश सैलरी देने के बजाय इक्विटी आधारित प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी है। वेंचर कैपिटल एक्सपर्ट के एक नोट में लिखा है- मैनेजमेंट की स्थिरता एक अहम फैक्टर है। इसे निवेशक वित्तीय आंकड़ों जितना ही महत्व देते हैं। PhonePe का ESOP पूल इस बात का संकेत है कि टीम आगे भी कंपनी के साथ बनी रहेगी।
IPO से पहले ESOP खर्च में बढ़ोतरी
कुछ आलोचकों ने FY26 की पहली छमाही में ESOP खर्च के 1,812 करोड़ रुपये तक पहुंचने पर चिंता जाहिर की है। हालांकि, इसे आमतौर पर आईपीओ से पहले होने वाला तकनीकी समायोजन माना जाता है। ऐसे में ESOP खर्च तात्कालिक ज्यादा दिखता है लेकिन लिस्टिंग के बाद इसकी रफ्तार कम होने की संभावना है।
ऑफर फॉर सेल होगा IPO
PhonePe के आईपीओ की संरचना कंपनी की वित्तीय मजबूती को दिखाती है। प्रस्तावित IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी नहीं जुटाएगी बल्कि इसके निवेशक हिस्सेदारी बेचेंगे। PhonePe के राजस्व के कई जरिए बन गए हैं। UPI के अलावा बीमा और मर्चेंट सर्विसेज जैसे सेगमेंट अब कुल आय का करीब 42% योगदान दे रहे हैं। कहने का मतलब है कि PhonePe का ESOP पूल कोई समस्या नहीं बल्कि पिछले एक दशक में बनाए गए 10 अरब डॉलर से अधिक मूल्य का प्रमाण है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


