
11 दिन से लगातार गिर रहा यह शेयर, रिटेल निवेशकों ने छोड़ा साथ
इस गिरावट की शुरुआत 5 जनवरी से हुई थी, जब PG इलेक्ट्रोप्लास्ट का शेयर करीब ₹630 के स्तर पर बंद हुआ था। उस समय शेयर चार दिन की लगातार तेजी के बाद मजबूत दिख रहा था। लेकिन इसके बाद से हालात पूरी तरह बदल गए।
PG Electroplast shares: PG इलेक्ट्रोप्लास्ट के शेयरों में लगातार गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार, 11 जनवरी को कंपनी के शेयर करीब 3% टूट गए और इसके साथ ही यह स्टॉक लगातार 11वें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज कर चुका है। खास बात यह है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद यह PG इलेक्ट्रोप्लास्ट का अब तक का सबसे लंबा गिरावट वाला दौर है। बीते कुछ दिनों से निवेशकों में इस स्टॉक को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है।
5 जनवरी से लगातार गिरावट
इस गिरावट की शुरुआत 5 जनवरी से हुई थी, जब PG इलेक्ट्रोप्लास्ट का शेयर करीब ₹630 के स्तर पर बंद हुआ था। उस समय शेयर चार दिन की लगातार तेजी के बाद मजबूत दिख रहा था। लेकिन इसके बाद से हालात पूरी तरह बदल गए। बीते 11 ट्रेडिंग सेशंस में यह स्टॉक करीब 16% तक टूट चुका है और जनवरी की शुरुआत में बनी पूरी तेजी मिट चुकी है। मौजूदा कारोबार में शेयर दिन के निचले स्तर से थोड़ी रिकवरी जरूर दिखा रहा है, लेकिन फिर भी यह करीब 2.2% की गिरावट के साथ ₹539.8 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न क्या है
शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो दिसंबर तिमाही में रिटेल निवेशकों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। जिन छोटे निवेशकों की अधिकृत शेयर पूंजी ₹2 लाख तक है, उन्होंने मुनाफावसूली की है। दिसंबर तिमाही के अंत में 2.18 लाख रिटेल निवेशकों के पास कंपनी की 16.5% हिस्सेदारी थी, जबकि सितंबर तिमाही में 2.45 लाख निवेशकों के पास 18.78% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2024 के बाद यह पहला मौका है जब रिटेल निवेशकों ने PG इलेक्ट्रोप्लास्ट से कदम पीछे खींचे हैं।
हालांकि, दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड्स ने इस गिरावट को मौके के तौर पर देखा है। सितंबर तिमाही में जहां म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 14.48% थी, वहीं दिसंबर तिमाही में यह बढ़कर 18.68% हो गई है। ICICI प्रूडेंशियल बैलेंस्ड एडवांटेज फंड, फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड, निप्पॉन इंडिया FLE, एक्सिस म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल स्मॉलकैप इंडेक्स फंड जैसे बड़े फंड्स इसमें हिस्सेदार हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शेयर ने करीब 14% की बढ़त भी दिखाई थी, लेकिन फिलहाल बाजार में दबाव हावी नजर आ रहा है।





