NPS में करते हैं निवेश? अब आपको रिटायरमेंट प्लानिंग के साथ मिलेगी ये सुविधा
अगर आप एनपीएस में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने एनपीएस स्वास्थ्य के दूसरे चरण की पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत की है। यह एक ऐसी पहल है जिसका मकसद रिटायरमेंट की प्लानिंग को हेल्थकेयर फंडिंग के साथ जोड़ना है।

अब राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में निवेश करने वाले लोगों को रिटायरमेंट फंड के साथ हेल्थकेयर का भी फायदा मिलेगा। दरअसल, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने रिटायरमेंट स्कीम के साथ हेल्थकेयर स्कीम'एनपीएस स्वास्थ्य' के दूसरे पायलट चरण की शुरुआत की है। यह एक ऐसी पहल है जिसका मकसद रिटायरमेंट की प्लानिंग को हेल्थकेयर फंडिंग के साथ जोड़ना है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) स्वास्थ्य एक मल्टी-पार्टनर फ्रेमवर्क है, जिसे फाइनेंशियल और हेल्थ सिक्योरिटी देने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस पहल के तहत, Medi असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज मुख्य टेक्नोलॉजी पार्टनर के तौर पर काम करेगी। वहीं, कैम्स केआरए ग्राहकों के रजिस्ट्रेशन और केवाईसी सुविधा में सहयोग करती है। टाटा पेंशन फंड और एक्सिस पेंशन फंड को इसके लिए नामित पेंशन फंड मैनेजर बनाया गया है। इसके अलावा, आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस टॉप-अप कवर देगी और Medi असिस्ट TPA क्लेम का मैनेजमेंट करेगी। PFRDA के मुताबिक यह पहल भारत के रिटायरमेंट सेक्टर में बढ़ रही एक कमी को दूर करती है। यहां 2026 में हेल्थकेयर खर्च 11.5 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जो लाखों लोगों की लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा पर दबाव डाल रहा है। बहरहाल, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पेंशन इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। बता दें कि 29 मार्च 2026 तक NPS और अटल पेंशन योजना (APY) को मिलाकर कुल 9.64 करोड़ सब्सक्राइबर हो गए हैं और इनके पास 16.55 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन है।
निवेश रकम को मैनेज करने की जिम्मेदारी
इस बीच, पीपीएफएएस एसेट मैनेजमेंट को पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत पेंशन फंड के प्रायोजक के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि वह जल्द ही एनपीएस के माध्यम से निवेश करने वाले लोगों की रिटायरमेंट सेविंग को मैनेज करना शुरू करेगी। इसके लिए वह एक अलग पेंशन फंड कंपनी स्थापित करेगी जो योजनाओं का संचालन करेगी एवं समय के साथ इन बचत को बढ़ाने का काम करेगी।
पीपीएफएएस एसेट मैनेजमेंट के सीईओ नील पारग पारिख ने कहा- यह बड़ी जिम्मेदारी है और हम इसे सावधानी, अनुशासन एवं लॉन्ग टर्म के दृष्टिकोण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा ध्यान निवेशकों के हितों की सुरक्षा करते हुए निरंतर प्रदर्शन देने पर रहेगा। कंपनी ने कहा कि पूर्ण स्तर पर संचालन शुरू करने से पहले वह पेंशन फंड के रजिस्ट्रेशन और परिचालन ढांचे की स्थापना सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेगी।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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