PF क्लेम के सेटलमेंट में हुई थी देरी, अब EPFO को देना होगा 6% ब्याज

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मुख्य बातें

  • यह मामला फ्लीट मैरीटाइम सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के एक रिटायर्ड कर्मचारी से जुड़ा है
  • अब इस कर्मचारी को 14 लाख रुपये से ज्यादा के प्रोविडेंट फंड क्लेम को निपटाने में हुई 35 दिन की देरी के लिए ईपीएफओ 6 प्रतिशत ब्याज देगा

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ईपीएफओ को झटका

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को एक रिटायर्ड कर्मचारी के PF क्लेम के निपटारे में देरी करना भारी पड़ गया है। दरअसल, एक कंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को निर्देश दिया है कि वह एक रिटायर्ड कर्मचारी को 14 लाख रुपये से ज्यादा के प्रोविडेंट फंड क्लेम को निपटाने में हुई 35 दिन की देरी के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दे। आइए समझ लेते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है?

क्या है मामला?

दरअसल, यह मामला फ्लीट मैरीटाइम सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के एक रिटायर्ड कर्मचारी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने 19 अक्टूबर 2016 को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना PF क्लेम जमा किया था। उसका कहना था कि EPFO ने निर्धारित समय के भीतर क्लेम का निपटारा नहीं किया। इसके बचान में ईपीएफओ के तर्क को खारिज करते हुए मुंबई सबअर्बन डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश दिया। कोर्ट ने ईपीएफओ को EPF स्कीम, 1952 के तहत तय 20 दिन की समय-सीमा में क्लेम न निपटा पाने के लिए सर्विस में कमी का दोषी ठहराया। अब कंंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को आदेश का पालन करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है। कहने का मतलब है कि इस अवधि के भीतर संगठन को आदेश के मुताबिक ब्याज का भुगतान करना होगा।

EPFO का क्या है तर्क?

हालांकि, EPFO ​​ने तर्क दिया कि उसने ओरिजिनल क्लेम के साथ जरूरी जॉइंट डिक्लेरेशन जमा नहीं किया था। EPFO ने आयोग के सामने बताया कि इस कारण क्लेम 7 नवंबर 2016 को वापस कर दिया गया था। संगठन के मुताबिक, उसे पूरे दस्तावेजों का सेट बाद में 2 दिसंबर 2016 को मिला और इसके बाद क्लेम को 14 दिसंबर 2016 को 20 दिनों के भीतर निपटा दिया गया। हालांकि, EPFO की इस दलील को स्वीकार नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर EPFO यह संतोषजनक तरीके से साबित नहीं कर पाया कि उस तारीख को क्लेम अधूरा था। ऐसे में संगठन को उसी समय से क्लेम की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी।

35 दिन की देरी पर मिलेगा ब्याज

कंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को ₹14,06,272 की क्लेम राशि पर 6 फीसदी सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है। यह ब्याज 35 दिनों की देरी के लिए दिया जाएगा। यह देरी 9 नवंबर 2016 से 13 दिसंबर 2016 की अवधि में की गई थी। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी माना कि रिटायरमेंट के बाद PF जैसी जमा पूंजी पर निर्भर व्यक्ति को भुगतान में देरी होने से आर्थिक परेशानी हो सकती है। इसलिए समय पर रिटायरमेंट लाभ जारी करना बेहद महत्वपूर्ण है।

Deepak Kumar

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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