
पेट्रोल पंप बनेंगे ऊर्जा स्टेशन, पेट्रोल-डीजल, CNG, LNG और चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी
भारत के पेट्रोल पंप अब ऊर्जा स्टेशनों में बदलने जा रहे हैं, जहाँ पारंपरिक ईंधनों के साथ-साथ सीएनजी, LNG और इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। 2028-29 तक चार हजार ऊर्जा स्टेशनों के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, यह कदम देश में ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन है।
जल्द ही पेट्रोल पंप आपको ऊर्जा स्टेशन के रूप में नजर आएंगे। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इससे एक ही स्थान पर पेट्रोल व डीजल जैसे पारंपारिक ईंधनों के साथ जैव ईंधन, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिग सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने वर्ष 2028-29 तक देश में चार हजार ऊर्जा स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। तेल कंपनियों का कहना है कि वर्ष 2026 में ऊर्जा स्टेशनों की संख्या ढाई हजार तक पहुंच जाएगी।
मंत्रालय का कहना है कि पेट्रोल पंपों को एकीकृत गतिशीलता केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जमीन बहुत आवश्यक है। ऐसे में ऊर्जा स्टेशनों को ऐसी जगह स्थापित किया जा रहा है, जहां जमीन का कोई संकट नहीं है।
डिजिटल पेंमट को बढावा
इसके साथ पेट्रोलियम मंत्रालय ने वर्ष 2026 में डिजिटल पेंमट को बढावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल पंप और सीएनजी स्टेशनों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्रालय के मुताबिक वर्ष 2024 में एक लाख पीओएस मशीनों के मुकाबले वर्ष 2025 में यह संख्या बढकर ढाई लाख हो गई है।
शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगभग सभी खुदरा दुकानों पर शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई है। इनमें बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। इस वर्ष दिव्यांगों के लिए शौचालयों से निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा।
500 एयर कंडीशन वाले रेस्ट हाउस बनेंगे
मंत्रालय सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रक ड्राइवरों के आराम का भी बंदोबस्त कर रहा है जिससे ट्रक ड्राइवर अच्छी तरह ड्राइविंग कर सकें। इसके लिए मंत्रालय हाइवे पर आराम-घर बनाने में भी तेजी लाएगा।
पेट्रालियम मंत्रालय के मुताबिक, हाईवे पर ज्यादा हादसों की बड़ी वजह ट्रक ड्राइवर को आराम और पर्याप्त नहीं मिलना है। ऐसे में बड़े राजमार्गों पर एयर कंडीशंड आराम-घर इस समस्या का बडा समाधान बनकर उभरा है। इस वर्ष विभिन्न हाइवे पर पांच सौ से अधिक ट्रक ड्राइवरों के लिए आराम-घर बनाए जाएंगे।

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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