पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग, कई देशों में दोगुने हुए रेट, भारत में क्यों नहीं बढ़े दाम?

Drigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Petrol Diesel Price: म्यांमार में पेट्रोल के रेट में 100% और डीजल में 119.9% की उछाल दर्ज की गई है। फिलीपींस डीजल 111% तो पेट्रोल 71.6% महंगा हुआ है। अमेरिका में पेट्रोल 31.1% और डीजल 41.8% महंगा हुआ है। लेकिन, भारत में दाम नहीं बढ़े, क्यों?

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग, कई देशों में दोगुने हुए रेट, भारत में क्यों नहीं बढ़े दाम?

Petrol Diesel Price: ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से अबतक ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। globalpetrolprices.com पर दिए गए ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि ब्रेंट क्रूड और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर दुनिया के अधिकांश देशों में दिखाई दे रहा है। हालांकि, भारत में अभी तक सामान्य पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल में तेज उछाल

डेटा के अनुसार युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड 71.28 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 109 डॉलर तक पहुंच गया। इसी दौरान पेट्रोल की वैश्विक औसत कीमत 1.2 डॉलर से बढ़कर 1.4 डॉलर प्रति लीटर और डीजल 1.52 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच गया। यह उछाल बताता है कि युद्ध के कारण सप्लाई को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने कीमतों को ऊपर धकेला।

पेट्रोल-डीजल के रेट कई देशों में डबल से अधिक हो गए हैं।

कई देशों में भारी बढ़ोतरी

जिन देशों में ईंधन कीमतें बाजार के अनुसार तय होती हैं, वहां असर सबसे ज्यादा दिखा। जैसे म्यांमार में पेट्रोल के रेट में 100% और डीजल में 119.9% की उछाल दर्ज की गई है। फिलीपींस डीजल 111% तो पेट्रोल 71.6% महंगा हुआ है। मलेशिया में पेट्रोल के दाम 52.4% और डीजल के 84.6% बढ़े हैं। यूएई में भी पेट्रोल 40.8% और डीजल 86.1% महंगा हो गया है। ऑस्ट्रेलिया में युद्ध के बाद से पेट्रोल के दाम 46.5% और डीजल 64.1% चढ़े हैं।

यूरोप और अमेरिका में भी महंगा हुआ तेल

यूरोप और अमेरिका में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिका में पेट्रोल 31.1% और डीजल 41.8% महंगा हुआ, जबकि जर्मनी और फ्रांस में डीजल की कीमतें 30% से अधिक बढ़ीं।

डीजल ज्यादा क्यों महंगा हुआ?

विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश देशों में डीजल की कीमत पेट्रोल से ज्यादा बढ़ी है। इसकी वजह है, ट्रांसपोर्ट और इंस्ट्रीज में डीजल की ज्यादा मांग, सप्लाई चेन में रुकावटें, रिफाइनिंग लागत में वृद्धि।

किस देश में कितना बढ़ा डीजल का दाम

भारत में कीमतें स्थिर क्यों?

ग्लोबल उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि “पेट्रोल और डीजल, जिन पर भारत मुख्य रूप से निर्भर है, उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं।”

मंत्रालय ने यह भी कहा कि तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है, फिर भी आम उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डाला गया है। मंत्रायल ने कहा, “ये फैसले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता के अनुरूप हैं, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों की रक्षा की जा रही है।”

आगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से ऊपर लंबे समय तक बना रहता है, तो भारत में भी कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। फिलहाल सरकार कीमतों को नियंत्रित कर रही है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहेगी या नहीं, यह अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेगा।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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