पेट्रोल-डीजल में महंगाई की आग: अमेरिका से लेकर पाकिस्तान तक झुलसे कई देश
मुख्य बातें
- अमेरिका और इजरायल जैसे देश के लोगों की भी जेब महंगाई की आग से जल रही है
- राहत की बात यह है कि भारत में तेल के दाम इन दुनिया के अधिकतर देशों की तुलना में मामूली बढ़े हैं
- आज भी भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है

Petrol Diesel Rates Today: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी है। ब्रेंट क्रूड आज सुबह 6 बजे 90 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था। क्रूड की कीमतों में तेजी की वजह से पूरी दुनिया पेट्रोल-डीजल के रेट पर पड़ रहा है। युद्ध के बाद से अबतक कई देशों पेट्रोल-डीजल की कीमत डेढ़ गुनी से अधिक हो गई है। राहत की बात यह है कि भारत में तेल के दाम इन दुनिया के अधिकतर देशों की तुलना में मामूली बढ़े हैं। आज भी भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
पेट्रोल के आज के रेट जानने के लिए यहां टैप करें
डीजल के आज के रेट जानने के लिए यहां टैप करें
कहां डेढ़ गुना बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम
ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज डॉट कॉम के मुताबिक युद्ध से अबतक सबसे अधिक पेट्रोल की कीमत में उछाल फिलीपींस में 62.1 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि, डीजल के मामले में लेबनान अब टॉप पर है। यहां डीजल की कीमत में 64.7 प्रतिशत का उछाल आ चुका है।
ईरान पर हमला करने वाले अमेरिका में भी इस दौरान पेट्रोल जहां 33.9 प्रतिशत तो डीजल 40.50 प्रतिशत चढ़ा है। जबकि, इजरायल में पेट्रोल 17 और डीजल भी 17 प्रतिशत ही महंगा हुआ है।वहीं, मलेशिया में पेट्रोल की कीमत युद्ध से अबतक 50.4 प्रतिशत तो डीजल के दाम 54.5 प्रतिशत बढ़े हैं।
म्यांमार में अब भी पेट्रोल युद्ध के पहले के रेट से 50% और डीजल 61.4 प्रतिशत महंगा है। श्रीलंका में पेट्रोल अभी भी 45.6 प्रतिशत और डीजल 48 प्रतिशत महंगा है। नेपाल में पेट्रोल 25.5 और डीजल 37.3 प्रतिशत महंगा बिक रहा है। बंग्लादेश में पेट्रोल की कीमत अभी 20.8 और डीजल की 15 प्रतिशत ऊपर है।
पाकिस्तान में पेट्रोल 27.3 और डीजल 40 प्रतिशत महंगा है। इन सभी देशों में युद्ध के पहले की तुलना में तेल अभी बहुत महंगा है, जबकि भारत में दाम केवल 7 से 8 प्रतिशत ही बढ़े हैं।
इन देशों पर नहीं कोई असर
युद्ध के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं होने वाले देशों में ट्यूनिशिया, सऊदी अरब, ओमान, माल्टा, मेडागास्कर, कुवेत, कैमरून, बुर्किना फासो, बोलोविया और अल्जीरिया हैं।
यहां चल रही उलटी चाल
कुछ ऐसे देश भी हैं जहां डीजल तो महंगा हुआ है, लेकिन पेट्रोल के दाम युद्ध के बाद से गिरे हैं। जैसे नार्वे में पेट्रोल 0.4 प्रतिशत सस्ता हुआ है तो डीजल 15.1 प्रतिशत महंगा। स्वीडन में पेट्रोल की कीमत 3.3 प्रतिशत गिरी है तो डीजल 14 प्रतिशत चढ़ा है। जाम्बिया में पेट्रोल 9.3 प्रतिशत सस्ता हो गया जबकि, डीजल इस दौरान 9.6 फीसद महंगा हुआ है। बाराबडोस एक मात्र ऐसा देश है जहां ईरान युद्ध के बाद से डीजल 1.2 प्रतिशत सस्ता हुआ है और इसकी तुलना में पेट्रोल 6.4 प्रतिशत महंगा हुआ है।
ऐसा क्यों है
आमतौर पर, जिन देशों में फ्यूल मार्केट में अधिक छूट होती है, वहां कीमतें तेजी से बदलती हैं। तेल की कीमतों में अचानक आए बड़े झटकों का असर रिटेल कीमतों पर दिखने में आमतौर पर कुछ हफ्ते लग जाते हैं। अधिकतर यूरोप जैसे ज्यादा एक्साइज ड्यूटी वाले देशों की तुलना में अमेरिका जैसे कम एक्साइज टैक्स वाले देशों में इसका असर अधिक होता है।
जिन देशों में कीमतें सरकार तय करती है, वहां सरकारें रिटेल कीमतों में बदलाव करने से पहले अक्सर कई हफ्ते इंतजार करती हैं ताकि यह पता चल सके कि तेल की कीमतों में हुआ बदलाव स्थायी है या नहीं। अगर कीमतों में बहुत अधिक उछाल आता है, तो सरकारें कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए दखल भी दे सकती हैं।


