पेट्रोल-डीजल के चेक करें रेट, $116 के पार कच्चा तेल, युद्ध में नए मोर्चे खुलने से बढ़ा संकट
Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं के लिए आज भी राहत है। IOCL, HPCL, भारत पेट्रोलियम समेत ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ाए हैं।

Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं के लिए आज भी राहत है। IOCL, HPCL, भारत पेट्रोलियम समेत ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ाए हैं। आज 30 मार्च की सुबह छह बजे जारी रेट के मुताबिक दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल की रिटेल कीमत ₹94.77 और डीजल 87.67 रुपये लीटर है। जबकि, XP95 पेट्रोल 101.89 और XG डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर है। भारत में सबसे सस्ता तेल पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल ₹82.46 प्रति लीटर है तो डीजल ₹78.05 प्रति लीटर।
पश्चिम एशिया युद्ध अब और खतरनाक मोड़ ले चुका है। यमन के हूती विद्रोहियों के इस युद्ध में कूदने और अमेरिका द्वारा अतिरिक्त सैनिक तैनात करने से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3% से ज्यादा उछलकर 116.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो इस महीने का सबसे ऊंचा स्तर है।
युद्ध का विस्तार: अब हूती भी मैदान में
ब्लूमबर्ग के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है और साफ कहा है कि वे तब तक हमले जारी रखेंगे जब तक ईरान और उसके सहयोगियों पर कार्रवाई नहीं रुकती। इससे यह साफ संकेत मिला है कि युद्ध अब सिर्फ सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।
तेल सप्लाई पर खतरा, रेड सी भी जोखिम में
हालांकि, हूती विद्रोहियों ने अभी जहाजों को निशाना बनाने की बात नहीं कही है, लेकिन उनके पास रेड सी और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को प्रभावित करने की क्षमता है। अगर ऐसा होता है तो वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। सऊदी अरब का यनबू पोर्ट भी उनके हमले की रेंज में है, जो पहले से ही होर्मुज के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रहा है।
मार्च में 50% उछाल, बाजार में हड़कंप
इस पूरे संकट के चलते मार्च महीने में ही कच्चा तेल 50% से ज्यादा महंगा हो चुका है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है और अब तक शांति की कोई ठोस उम्मीद नहीं दिख रही है।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण
ईरान ने दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा नियंत्रण कर लिया है।अधिकांश जहाजों की आवाजाही रोक दी गई है और सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों, जैसे पाकिस्तान, थाईलैंड और मलेशिया के जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
क्या और महंगा होगा तेल?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध और बढ़ता है, तो तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ेगा, जहां पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम बढ़ने का खतरा बढ़ जाएगा।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


