बजट से पहले महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल, जानिए क्या है ताजा रिपोर्ट

Jan 08, 2026 07:09 pm ISTVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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Petrol Diesel Price: ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से पहले सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹3 से ₹4 प्रति लीटर तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है।

बजट से पहले महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल, जानिए क्या है ताजा रिपोर्ट

Petrol Diesel Price: ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से पहले सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹3 से ₹4 प्रति लीटर तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इस समय काफी अच्छा मुनाफा कमा रही हैं और वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार पर फिस्कल दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार के लिए ईंधन पर टैक्स बढ़ाना एक आसान और असरदार विकल्प हो सकता है।

क्या है डिटेल

जेएम फाइनेंशियल ने बताया कि अगर ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब $72 प्रति बैरल रहती है, तो ऑटो फ्यूल पर सामान्य ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (GMM) करीब ₹3.5 प्रति लीटर होता है। लेकिन फिलहाल ब्रेंट क्रूड की स्पॉट कीमत करीब $61 प्रति बैरल है, जिससे OMCs के मार्जिन सामान्य से कहीं ज्यादा हो गए हैं। मौजूदा समय में GMM करीब ₹10.6 प्रति लीटर आंका गया है, जबकि इंटीग्रेटेड ग्रॉस मार्जिन लगभग ₹19.2 प्रति लीटर है, जो ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर है। इसी वजह से सरकार के पास टैक्स बढ़ाने की गुंजाइश बनी हुई है।

फिस्कल स्थिति पर बात करें तो जेएम फाइनेंशियल के इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि FY26 में सरकार की आय बजट अनुमान से पीछे चल रही है। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच रेवेन्यू रिसीट्स बजट अनुमान का सिर्फ 56% रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 60% था। टैक्स कलेक्शन की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत भी मिल रहे हैं। वहीं, सरकार का कैपेक्स मजबूत बना हुआ है, जो अप्रैल से नवंबर के बीच ₹6.58 लाख करोड़ रहा। इसके अलावा, FY26 के लिए नाममात्र GDP ग्रोथ करीब 8% रहने का अनुमान है, जिससे 4.4% के फिस्कल डेफिसिट टारगेट को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जेएम फाइनेंशियल का अनुमान

जेएम फाइनेंशियल का अनुमान है कि अगर पेट्रोल-डीजल पर ₹3–₹4 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जाती है, तो सरकार को सालाना ₹50,000 से ₹70,000 करोड़ तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, हर ₹1 प्रति लीटर की बढ़ोतरी से सरकार की आय करीब ₹17,000 करोड़ सालाना बढ़ती है। हालांकि, इससे OMCs के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने HPCL पर SELL, जबकि IOCL और BPCL पर Reduce रेटिंग बरकरार रखी है। JM Financial का मानना है कि मौजूदा ऊंचे मार्जिन लंबे समय तक टिके रहना मुश्किल है और निवेशकों को तेल कंपनियों के शेयरों में सतर्कता बरतनी चाहिए।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak

वर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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