पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे? सरकार कर रही बड़ी तैयारी, चेक करें डिटेल

Mar 16, 2026 12:07 pm ISTVarsha Pathak भाषा
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सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं करने की वजह से उन्हें हो रहे घाटे को कम करने के लिए रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयातित दरों से कम कीमत देने पर विचार कर रही हैं।

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे? सरकार कर रही बड़ी तैयारी, चेक करें डिटेल

Petrol Diesel Price: सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं करने की वजह से उन्हें हो रहे घाटे को कम करने के लिए रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयातित दरों से कम कीमत देने पर विचार कर रही हैं। इस कदम से एमआरपीएल, सीपीसीएल और एचएमएल जैसी एकल रिफाइनरी कंपनियों पर बुरा असर पड़ सकता है।

क्या है डिटेल

पश्चिम एशिया संकट से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। हालांकि, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को इस बढ़ोतरी का बोझ खुद उठाना पड़ रहा है।

क्या है योजना

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ओएमसी अब रिफाइनरी हस्तांतरण शुल्क (आरटीपी) पर रोक लगाने या उस पर छूट तय करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। आरटीपी वह आंतरिक कीमत होती है, जिस पर रिफाइनरियां अपने विपणन खंड को ईंधन बेचती हैं। इस कदम का मकसद रिफाइनरियों को पेट्रोल और डीजल की आयात-समता लागत से कम भुगतान करना है।

यदि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इस प्रस्तावित कदम से रिफाइनरियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ आरटीपी के जरिये आगे नहीं बढ़ा पाएंगी और उन्हें इस प्रभाव का एक हिस्सा खुद वहन करना होगा। सूत्रों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) जैसी एकीकृत कंपनियां अपने रिफाइनिंग और विपणन परिचालन के बीच इस घाटे की भरपाई कर सकती हैं।

दूसरी ओर मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल), चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) जैसी एकल रिफाइनरियों का खुदरा बाजार में नहीं के बराबर दखल है और वे अपना अधिकांश उत्पादन इन्हीं तीन ओएमसी को बेचती हैं। ऐसे में उनके मार्जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

सूत्रों ने यह भी कहा कि यदि आरटीपी पर रोक या छूट निजी रिफाइनरियों पर भी लागू की जाती है, तो नायरा एनर्जी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसे रिफाइनरी कंपनियां भी प्रभावित होंगी। ये दोनों निजी कंपनियां अपने उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा ओएमसी को बेचती हैं।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak

वर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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