लोन लेने से पहले पूछें ये 6 अहम सवाल, नहीं तो EMI बन सकती है मुसीबत!
मुख्य बातें
- आज के समय में लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है
- बैंक का ऐप, प्री-अप्रूव्ड ऑफर या कुछ ही क्लिक में पैसा खाते में आ जाता है
- लेकिन आसान प्रोसेस के कारण कई लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे लोन ले लेते हैं

आज के समय में लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। बैंक का ऐप, प्री-अप्रूव्ड ऑफर या कुछ ही क्लिक में पैसा खाते में आ जाता है। लेकिन आसान प्रोसेस के कारण कई लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे लोन ले लेते हैं। ऐसा करना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले कुछ जरूरी सवाल खुद से जरूर पूछें।
क्यों लेना चाहते हैं लोन?
अगर आप किसी बड़े खर्च के लिए लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले यह तय करें कि आपको वास्तव में लोन की जरूरत है या नहीं। घर खरीदने, पढ़ाई या मेडिकल इमरजेंसी जैसी जरूरतों के लिए लिया गया लोन भविष्य में फायदा पहुंचा सकता है। लेकिन अगर लोन सिर्फ महंगा मोबाइल, छुट्टियां मनाने या शॉपिंग के लिए लिया जा रहा है, तो पहले एक बार फिर सोच लेना बेहतर होगा।
चुका पाएंगे ईएमआई?
दूसरा सबसे अहम सवाल है कि क्या आप हर महीने की ईएमआई आराम से चुका पाएंगे। केवल अपनी सैलरी देखकर फैसला न लें। किराया, राशन, बच्चों की फीस, बीमा प्रीमियम, एसआईपी और दूसरे नियमित खर्चों को भी ध्यान में रखें। अगर ईएमआई भरने के बाद महीने के अंत में आपके पास बहुत कम पैसे बचते हैं, तो यह लोन आपकी क्षमता से ज्यादा हो सकता है।
सही लोन चुनना क्यों है जरूरी?
लोन लेने से पहले यह भी देखें कि आप सही तरह का लोन चुन रहे हैं या नहीं। कई लोग जल्दी पैसे मिलने के कारण पर्सनल लोन ले लेते हैं, जबकि उनकी जरूरत के हिसाब से होम लोन, एजुकेशन लोन या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाला लोन ज्यादा सस्ता पड़ सकता है। इन पर ब्याज दरें आमतौर पर पर्सनल लोन से कम होती हैं।
ईएमआई के अलावा इसका भी रखें ध्यान
सिर्फ कम ईएमआई देखकर भी फैसला नहीं करना चाहिए। लंबी अवधि का लोन आपकी मासिक ईएमआई तो कम कर सकता है, लेकिन कुल ब्याज की रकम काफी बढ़ा देता है। इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस चार्ज, फोरक्लोजर नियम और लेट पेमेंट पेनाल्टी जैसी लागतों को भी समझना जरूरी है।
बजट का रखें ध्यान
अगर पहले से आपके ऊपर कार लोन, क्रेडिट कार्ड का बकाया या किसी अन्य लोन की ईएमआई चल रही है, तो नया लोन लेने से पहले अपने पूरे बजट का हिसाब जरूर लगाएं। एक अतिरिक्त ईएमआई आपके मासिक खर्चों पर दबाव बढ़ा सकती है।
इमरजेंसी का रखें ध्यान
इसके साथ ही भविष्य की स्थिति के बारे में भी सोचें। अगर नौकरी बदल जाए, बोनस न मिले, ब्याज दर बढ़ जाए या अचानक कोई बड़ा खर्च आ जाए, तब भी क्या आप ईएमआई चुका पाएंगे? यदि इसका जवाब हां है, तभी लोन लेना समझदारी होगी।
लोन लेना गलत फैसला नहीं है, लेकिन तभी जब उसकी जरूरत हो और उसे चुकाने की पूरी योजना हो। कुछ मिनट में लोन मिल सकता है, लेकिन उसकी ईएमआई कई सालों तक आपके बजट का हिस्सा रहती है। इसलिए जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर फैसला करें।


