EPFO के नए नियम हो गए हैं लागू, PF पर क्या पड़ेगा इसका सीधा असर?

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • EPFO latest Updates: एम्पलॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेश ने नया नियम लागू कर दिया है
  • इसके अनुसार अब 1800 रुपये के ईपीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन की लिमिट फिक्स कर दी गई है
epfo news updates
EPFO Latest Updates - क्या कम हो जाएगा कर्मचारियों का पीएफ, क्या कहता है नया नियम

EPFO latest Updates: केंद्र सरकार ने बीते दिनों एम्पलॉयीज प्रोविडेंट फंड स्कीम 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसके लागू होने से अब कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड पर सीधा असर पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार अब 1800 रुपये के ईपीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन की सीमा तय कर दी गई है। यानी उससे अधिक का योगदान पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। पहले पीएफ योगदान पूरी तरह से सैलरी से कनेक्टेड रहता था। बता दें, सरकारी गजट के अनुसार नया ईपीएफ फ्रेमवर्क 29 जून 2026 से प्रभावी हो गया है।

मिंट से बात करते हुए दो एक्सपर्ट्स ने बताया कि 1800 रुपये के मंथली प्रोविडेंट फंड का सीधा असर फाइनल फंड्स पर पड़ेगा। अब 1800 रुपये की सीमा लग जाने से अंत में उन कर्मचारियों का फंड कम होगा जो मौजूदा समय में इससे अधिक मासिक योगदान कर रहे हैं।

EPF के नए कानून में क्या बदल रहा है?

पिछले ईपीएफ कानून में कर्मचारी और नियोक्ता को अपनी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत योगदान करता होता था। नए फ्रेमवर्क के अनुसार कर्मचारी अपने बेसिक पे का 12 प्रतिशत योगदान करेंगे। लेकिन हर महीने अनिवार्य योगदान पर 1800 रुपये की सीमा तय कर दी गई है। अगर कोई व्यक्ति इससे अधिक का योगदान करना चाहता है तो वह कर सकता है। उसके लिए को भी रोक नए कानून में नहीं है।

अगर आपकी सैलर 15000 रुपये प्रति माह तो इस स्थिति में 12 प्रतिशत बेसिक पे के हिसाब से 1800 रुपये होगा। ऐसे में इस बेसिक सैलरी वाले व्यक्ति के लिए कुछ नहीं बदला है। लेकिन जिन लोगों का बेसिक पे इससे अधिक था, उनका पीएफ प्रभावित हो रहा है।

क्या कम हो जाएगा प्रोविडेंट फंड

मान लीजिए आपका बेसिक पे इस समय 50,000 रुपये महीने का है। ऐसे में कर्मचारी और नियोक्ता 12 प्रतिशत का योगदान करेंगे। यानी हर महीने प्रोविडेंट फंड अकाउंट में 12000 रुपये जमा होते थे। लेकिन अब ईपीएफ 2026 के फ्रेमवर्क के अनुसार कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान पर 1800 रुपये की सीमा लगा दी गई है। जिसकी वजह से हर महीने का अनिवार्य योगदान 12000 रुपये से घटकर 3600 रुपये के स्तर पर चला आएगा। जिसकी वजह से हर महीने ईपीएफ इनवेस्टमेंट कम होता रहता है।

नियोक्ता पर कानूनी दबाव नहीं बनेगा

आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार अधिक योगदान अब पूरी तरह से खुद पर निर्भर करेगा। अगर कर्मचारी तय सीमा से अधिक का कॉन्ट्रीब्यूशन करता है तो नियोक्ता भी उस अधिक योगदान के लिए बाध्य नहीं होगा। सेक्शन 80सी के तहत ईपीएफ योगदान पर टैक्स कटौती के लिए क्लेम किया जा सकता है।

Tarun Pratap Singh

लेखक के बारे में

Tarun Pratap Singh

तरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।

शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।

अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।

दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।

विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़टैक्स/निवेश समाचारEPFO के नए नियम हो गए हैं लागू, PF पर क्या पड़ेगा इसका सीधा असर?