31 मार्च तक निपटा लें ये 7 जरूरी काम वरना डेड लाइन चूकने पर होगा बहुत नुकसान
31 March: 31 मार्च तक कई वित्तीय काम निपटाने जरूरी हैं। इस डेड लाइन को चूकने पर बड़े आर्थिक झटके का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा पीपीएफ, इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा कराने, संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य निपटाना भी जरूरी है।

31 मार्च तक कई वित्तीय काम निपटाने जरूरी हैं। इस डेड लाइन को चूकने पर बड़े आर्थिक झटके का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा पीपीएफ, निवेश के प्रूफ जमा कराने, संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य निपटाना भी जरूरी है।
1. टैक्स की बचत के लिए निवेश करने का मौका
वर्तमान में दो प्रकार की टैक्स रिजीम काम कर रही हैं-पुरानी और नई इनकम टैक्स व्यवस्था। अगर टैक्सपेयर या संयुक्त हिन्दु परिवार यानी एचयूएफ पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनता है तो वह इनकम टैक्स अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं जैसे 80सी, 80डी, 80टीटीबी, 80ई, 80जी आदि के अंतर्गत विभिन्न कटौतियों का फायदा लेकर अपनी टैक्स देनदारी घटा सकता है। पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च से पहले कर से जुड़ी बचत और निवेश का काम पूरा करना जरूरी है।
2. पीपीएफ, सुकन्या खाते में न्यूनतम राशि निवेश
पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना खाते को सक्रिय रखने के लिए वित्त वर्ष में निश्चित न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। पीपीएफ के लिए न्यूनतम राशि 500 रुपये और सुकन्या समृद्धि खाते के लिए 250 रुपये है। 12 महीने में एक बार यह राशि जमा करना जरूरी होता है।
3. दफ्तर में निवेश के साक्ष्य जमा करना
जिन कर्मचारियों ने अपने दफ्तर में वित्त वर्ष की शुरुआत में कर बचाने वाले निवेश की जानकारी दी थी, उन्हें नियत तारीख से पहले नियोक्ता को उससे जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य जमा करने होंगे। इससे चूकने पर नियोक्ता वेतन से ज्यादा टीडीएस कटौती कर सकता है।
4. होम लोन का ब्याज प्रमाणपत्र हासिल करना
जिन लोगों ने होम लोन लिया है, उन्हें अपने बैंक से स्टेटमेंट या ब्याज का प्रमाणपत्र डाउनलोड कर लेना चाहिए। इनकम टैक्स कानून के तहत, करदाता होम लोन के ब्याज पर दो लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। मूल राशि के पुनर्भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती धारा 80सी के तहत उपलब्ध है।
5. कर निर्धारण वर्ष 2021–22 की संशोधित रिटर्न
कर निर्धारण वर्ष 2021–22 (वित्त वर्ष 2020-21) के लिए संशोधित रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 है। पहले दाखिल किए गए रिटर्न में कोई गलती है या अन्य जानकारी देना भूल गए हैं, तो संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जहां करदाता ने मूल या विलंबित रिटर्न में आय से जुड़ी कुछ जानकारी सही तरीके से नहीं दी थी तो संशोधित आईटीआर भर सकते हैं।
6. विदेशी आय का विवरण
पिछले वित्त वर्ष 2024–25 के लिए कर योग्य विदेशी आय का विवरण, उस पर काटे गए या भुगतान किए गए टैक्स के साथ की जानकारी 31 मार्च तक देना जरूरी है। यदि रिटर्न धारा 139(1) या धारा 139(4) के तहत दाखिल किया गया है, तो विदेशी कर का दावा करने के लिए यह जरूरी है।
7. फॉर्म 12बी जमा करना
अगर आप वेतनभोगी हैं और आपने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपनो नौकरी बदली है तो आपको अपनी पुरानी कंपनी से आय के विवरण फॉर्म 12बी में मौजूदा नियोक्ता के पास जमा करने होंगे। ऐसा इसलिए ताकि मौजूदा नियोक्ता की ओर से स्रोत पर कर कटौती की सही गणना की जा सके।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें
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