8वां पे कमीशन कब देगा सरकार को अंतिम रिपोर्ट, क्या बेसिक पे पर हो गया फैसला?
मुख्य बातें
- 8th Pay Commission: 8वें वित्त आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें हैं
- इस पे कमीशन का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर इस समय केंद्रीय कर्मचारियों के बीच काफी हलचल है। आयोग लगातार कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों के साथ मीटिंग कर रहा है। दिल्ली में पे कमीशन की मीटिंग इसी महीने 8 और 10 अगस्त को थी। राष्ट्रीय राजधानी में यह उनकी दूसरी मीटिंग थी। इसी मीटिंग में कुछ संगठनों ने बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69000 रुपये करने की मांग की गई है। बता दें, 8वें वित्त आयोग की अगली मीटिंग जयपुर में 31 अगस्त को है।
कब जमा होगा रिपोर्ट (8th Pay Commission latest report)
8वें पे कमीशन का 9 महीने का समय बीत गया है। इस आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था। अब सिर्फ 9 महीने का समय ही बचा है। मानसून सत्र में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया था कि आयोग को हर-छोटा बड़ा अपडेट देने की जरूरत नहीं है। फिटमेंट फैक्टर से लेकर बेसिक पे तक कोई भी सलाह अब तक नहीं मिली है। सरकार ने कहा कि तय समय सीमा के अंदर पे कमीशन अपनी रिपोर्ट जमा करेगा। बता दें, आयोग के पास मई 2027 तक का समय है।
कभी 55 रुपये मिलता था बेसिक
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पहला पे कमीशन भारत के आजाद होने से पहले ही लागू हो गया था। 1946 में लागू हुए पे कमीशन में कर्मचारियों को 55 रुपये कम से कम बेसिक पे मिलता था। अधिक से अधिक 2000 रुपय बेसिक पे उस समय दिया जाता था।
दूसरा पे कमीशन 1959 में लागू हुआ। तब केंद्रीय कर्मचारियों को कम से कम 80 रुपये प्रति माह बेसिक पे मिलता था। अब यब 3000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। तीसरे पे कमीशन के दौरान मिनिमम बेसिक पे 196 रुपये हो गया था। यह पे कमीशन 1973 में लागू हुआ था। बता दें, समय के साथ कर्मचारियों का बेसिक पे बढ़ता गया। अब 7वें वेतन आयोग के दौरान मिनिमम बेसिक पे 18000 रुपये हो गया था।
क्या 69000 रुपये हो बेसिक पे
दिल्ली में हुई मीटिंग के दौरान कुछ संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर्स को 3.83 करने की मांग की है। अगर पे कमीशन की तरफ से यह मांग मान ली जाती है तब की स्थिति में कर्मचारियों का मिनिमम बेसिक पे 69000 रुपये हो सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स इसकी उम्मीद कम ही कर रहे हैं।
पे कमीशन से संगठनों ने फैमिली यूनिट को भी लगातार बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों की फैमिली यूनिट 3 है। इसे बढ़ाकर 5 करने की मांग की गई है।


