पति ने पत्नी के बैंक अकाउंट में जमा किया पैसा, तो वाइफ को देना होगा टैक्स! जानिये नियम
मुख्य बातें
- अगर पति अपनी कमाई पत्नी के बैंक खाते में जमा करता है, तो क्या उस रकम पर पत्नी को भी टैक्स देना पड़ेगा? यह सवाल तब और अहम हो जाता है, जब बैंक खाते में बड़ी रकम जमा हो और इनकम टैक्स विभाग उसके सोर्स पर सवाल उठा दे

अगर पति अपनी कमाई पत्नी के बैंक खाते में जमा करता है, तो क्या उस रकम पर पत्नी को भी टैक्स देना पड़ेगा? यह सवाल तब और अहम हो जाता है, जब बैंक खाते में बड़ी रकम जमा हो और इनकम टैक्स विभाग उसके सोर्स पर सवाल उठा दे। ऐसे ही एक मामले में पुणे आईटीएटी (ITAT) ने अहम फैसला सुनाया है, जिससे टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिली है। यह मामला जयेंद्र नवाले और उनकी पत्नी गौरी नवाले का है। फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में गौरी के बैंक खाते में 71.56 लाख रुपये कैश जमा हुए थे। इनकम टैक्स विभाग ने इस रकम के सोर्स पर सवाल उठाया। गौरी ने बताया कि यह पैसा उन्हें उनके पति ने गिफ्ट के तौर पर दिया था।
इनकम टैक्स विभाग ने क्यों लगाया टैक्स?
असेसमेंट अधिकारी (AO) गौरी की सफाई से संतुष्ट नहीं हुए। विभाग ने 71.56 लाख रुपये को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 69A के तहत अनएक्सप्लेन्ड मनी यानी ऐसी रकम जिसके सोर्स का नहीं पता है, ऐसा मानते हुए उनकी इनकम में जोड़ दिया।
गौरी ने बताया था कि उनके पति जयेंद्र ने यह पैसा अपनी कमाई से दिया था। यह कमाई एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी से मिली कमीशन इनकम थी। लेकिन विभाग ने इस पर सवाल उठाया क्योंकि कमीशन पेमेंट पर टीडीएस (TDS) नहीं काटा गया था और पेमेंट करने वाली संस्था की ओर से जरूरी वैरिफिकेशन भी नही हुई थी।
पति ने पहले ही दिखाई थी कमाई
मामले की सुनवाई के दौरान आईटीएटी ने पति की इनकम और फाइनेंशियल स्थिति को भी देखा। जयेंद्र ने फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में अपनी कमाई इनकम टैक्स रिटर्न में बताई थी। उनके प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में करीब 91.74 लाख रुपये की सेल और कमीशन इनकम दिखाई गई थी। तब कुल घोषित इनकम करीब 93.67 लाख रुपये थी।
उन्होंने खुद यह भी स्वीकार किया कि पत्नी के खाते में जमा रकम उनकी अपनी इनकम से दी गई थी। आईटीएटी ने माना कि पति के पास इतनी रकम पत्नी को देने की फाइनेंशियल कैपेसिटी थी।
पत्नी को दोबारा टैक्स देना क्यों गलत?
आईटीएटी ने कहा कि जब पति की इनकम पहले ही घोषित और टैक्स के दायरे में आ चुकी है और उसी रकम का सोर्स पत्नी के खाते में जमा होने के लिए भी साफ है, तो उसी 71.56 लाख रुपये को पत्नी की अज्ञात इनकम मानकर दोबारा टैक्स लगाना उचित नहीं होगा।
ट्रिब्यूनल ने पत्नी के खिलाफ लगाई गई 71.56 लाख रुपये की पूरी टैक्स एडिशन हटा दी। पति के मामले में लगाई गई इतनी ही रकम की प्रोटेक्टिव एडिशन भी आईटीएटी ने हटा दी।
टैक्सपेयर्स के लिए क्या सीख?
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि पति-पत्नी के बीच बैंक खाते में आने वाली हर रकम अपने आप टैक्स-फ्री हो जाएगी। बड़ी रकम के मामले में पैसे का सोर्स, बैंक रिकॉर्ड, इनकम का रिकॉर्ड और ट्रांसफर का कारण साबित करना जरूरी है।


