घर बैठे म्यूचुअल फंड में SIP कैसे शुरू करें, जानिए पूरा तरीका
मुख्य बातें
- अगर आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश करके आने वाले समय के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड की एसआईपी एक आसान तरीका हो सकता है
- खास बात यह है कि एसआईपी शुरू करने के लिए अब आपको बैंक या किसी ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है

अगर आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश करके आने वाले समय के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड की एसआईपी एक आसान तरीका हो सकता है। खास बात यह है कि एसआईपी शुरू करने के लिए अब आपको बैंक या किसी ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ऑनलाइन ही पूरा प्रोसेस कर सकते हैं। अगर आप पहली बार एसआईपी शुरू करने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी स्टेप्स समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि एसआईपी शुरू करने का आसान तरीका क्या है।
सबसे पहले केवाईसी पूरा करें
एसआईपी शुरू करने के लिए आपके पास PAN कार्ड, आधार कार्ड और बैंक अकाउंट की डिटेल्स होनी चाहिए। इसके बाद जिस ऐप या वेबसाइट से निवेश करना है, वहां ई-केवाईसी पूरी करनी होगी। इसमें आमतौर पर OTP और जरूरत के मुताबिक वीडियो केवाईसी के जरिए आपकी पहचान वेरिफाई की जाती है।
अब चुनें निवेश का प्लेटफॉर्म
केवाईसी पूरी होने के बाद आपको निवेश का प्लेटफॉर्म चुनना होगा। आप Groww, Zerodha Coin, Paytm Money जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए खुद एसआईपी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा सीधे किसी म्यूचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट से भी निवेश किया जा सकता है। यहां ध्यान रखें कि निवेश करते समय Direct Plan और Regular Plan के बीच का अंतर जरूर समझें।
सही फंड चुनना सबसे जरूरी
एसआईपी शुरू करना आसान है, लेकिन सही फंड चुनना उससे भी ज्यादा जरूरी है। फंड चुनने से पहले अपना टारगेट और जोखिम उठाने की क्षमता समझें। अगर आपका निवेश 5 साल या उससे ज्यादा लंबी अवधि के लिए है, तो इक्विटी या इंडेक्स फंड जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। वहीं, कम अवधि के लक्ष्य के लिए डेट या लिक्विड फंड जैसे विकल्प देखे जा सकते हैं। हालांकि, किसी भी फंड में पैसा लगाने से पहले उसके जोखिम और दूसरी जरूरी जानकारी जरूर जांच लें।
कितनी एसआईपी करनी है और तारीख क्या होगी?
अब तय करें कि हर महीने कितना पैसा निवेश करना है। कुछ स्कीम में 500 रुपये या उससे कम से भी एसआईपी शुरू की जा सकती है, लेकिन निवेश करने से पहले उस स्कीम की न्यूनतम एसआईपी राशि जरूर चेक करें। एसआईपी की तारीख ऐसी रखें, जब आपके बैंक अकाउंट में पर्याप्त पैसा रहता हो। इसके बाद UPI या नेट बैंकिंग के जरिए ऑटो-पे सेट किया जा सकता है, जिससे तय तारीख पर पैसा अपने आप निवेश हो जाए।
एसआईपी में अनुशासन जरूरी
बाजार ऊपर जाए या नीचे, सिर्फ उतार-चढ़ाव देखकर एसआईपी बंद करने से बचना चाहिए। लंबे समय के लक्ष्य के लिए नियमित निवेश बनाए रखना जरूरी है। आमदनी बढ़ने पर हर साल एसआईपी में 5 या 10 फीसदी या अपनी क्षमता के हिसाब से बढ़ोतरी भी की जा सकती है। सबसे जरूरी बात सिर्फ किसी फंड का नाम या पिछला रिटर्न देखकर निवेश न करें। फंड का जोखिम, खर्च, प्रदर्शन और अपना टारगेट समझकर ही फैसला लें।


