EPFO: नौकरी छोड़ने की तारीख हुई गलत तो अटकेगा PF क्लेम, नई कंपनी में होगी परेशानी, स्वयं ऐसे ठीक करें Date of Exit

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • EPFO: नौकरी बदलते समय ज्यादातर लोग अपना रिज्यूमे, ऑफर लेटर और जॉइनिंग डेट तो ठीक से चेक करते हैं, लेकिन ईपीएफओ रिकॉर्ड में नौकरी का आखिरी दिन यानी एक्जिट डेट पर ध्यान नहीं देते

EPFO
EPFO: नौकरी छोड़ने की तारीख हुई गलत तो अटकेगा PF क्लेम

EPFO: नौकरी बदलते समय ज्यादातर लोग अपना रिज्यूमे, ऑफर लेटर और जॉइनिंग डेट तो ठीक से चेक करते हैं, लेकिन ईपीएफओ रिकॉर्ड में नौकरी का आखिरी दिन यानी एक्जिट डेट पर ध्यान नहीं देते। अगर पुरानी कंपनी ने आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख गलत डाल दी है या वह अपडेट ही नहीं हुई है, तो आगे चलकर PF ट्रांसफर या क्लेम में परेशानी आ सकती है। इतना ही नहीं, नई कंपनी के बैकग्राउंड वैरिफिकेशन के दौरान भी नौकरी के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठ सकते हैं। अच्छी बात यह है कि हर बार इस गलती को ठीक कराने के लिए पुरानी कंपनी के चक्कर लगाना जरूरी नहीं है। पात्र ईपीएफओ सदस्य खुद भी ऑनलाइन अपनी Date of Exit अपडेट कर सकते हैं।

पहले ये शर्तें जरूर कर लें चेक

ईपीएफओ के ऑनलाइन सिस्टम से डेट ऑफ एग्जिट अपडेट करने से पहले कुछ शर्तें पूरी होना जरूरी है। नौकरी छोड़ने के कम से कम दो महीने बाद ही सदस्य इसे खुद अपडेट कर सकता है। इसके अलावा जो तारीख आप दर्ज कर रहे हैं, वह पुरानी कंपनी की ओर से किए गए आखिरी पीएफ (PF) योगदान वाले महीने के अंदर होनी चाहिए। आपका यूएएन (UAN) एक्टिव होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना जरूरी है। साथ ही आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर आपके पास होना चाहिए, क्योंकि पूरे प्रोसेस को OTP से वेरिफाई किया जाता है।

ऐसे बदलें ईपीएफओ में एक्जिट डेट

सबसे पहले अपने यूएएन और पासवर्ड से ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद होम पेज पर मैनेज सेक्शन में जाएं और मार्क एग्जिट विकल्प चुनें। आगे बढ़ने से पहले सर्विस हिस्ट्री में यह जरूर देख लें कि आपकी डेट ऑफ एग्जिट पहले से दर्ज है या नहीं। अगर कोई तारीख पहले से दर्ज है और वह गलत है, तो बिना जांचे नई तारीख न डालें। अपनी सैलरी स्लिप, रिलीविंग लेटर और दूसरे नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड का सही तारीख से मिलान कर लें।

इसके बाद नौकरी छोड़ने का सही कारण चुनें और रिकॉर्ड के मुताबिक एक्जिट डेट दर्ज करें। तारीख आपके आखिरी पीएफ योगदान वाले महीने से भी मेल खानी चाहिए। जानकारी भरने के बाद आधार आधार ओटीपी वैरिफिकेशन पूरा करें। वेरिफिकेशन सफल होने पर आप रिक्वेस्ट सबमिट कर सकते हैं।

पुरानी कंपनी मदद न करे तो क्या करें?

अगर ऑनलाइन सुविधा से डेट ऑफ एग्जिट जरूरी बदलाव नहीं हो पा रहा है, तो आपको अपनी पिछली कंपनी से संपर्क करना पड़ सकता है। अगर कंपनी कई दिनों या हफ्तों तक जवाब नहीं देती है, तो ईपीएफओ में शिकायत कर सकते हैं।

एक्जिट डेट सही रखना क्यों जरूरी है?

ईपीएफओ में दर्ज एक्जिट डेट सिर्फ एक सामान्य जानकारी नहीं है। यह आपके पीएफ ट्रांसफर और पैसे निकालने के लिए जरूरी है। अगर डेट ऑफ एग्जिट गलत होगी तो पैसे निकाल नहीं पाएंगे। इसके अलावा नौकरी बदलते समय अगर पुरानी और नई नौकरी की तारीखों में कोई गड़बड़ी या ओवरलैप दिखाई देता है, तो नई कंपनी के बैकग्राउंट चेकिंग में गड़बड़ हो सकती है।

Sheetal

लेखक के बारे में

Sheetal
शीतल को पत्रकारिता में 15 सालों का अनुभव है। पर्सलन फाइनेंस, गोल्ड, सिल्वर, कारोबारी सफर और स्टार्टअप की खबरें लिखती हैं। अमर उजाला से अपने करियर की शुरुआत की। अब तक इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी, भास्कर, लाइव हिन्दुस्तान और मनीकंट्रोल हिंदी (Network18) में काम किया है। अब लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट एडिटर खबरें आप तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़पर्सनल फाइनेंसEPFO: नौकरी छोड़ने की तारीख हुई गलत तो अटकेगा PF क्लेम, स्वयं ऐसे ठीक करें