क्रेडिट कार्ड बंद कराने में बैंक ने की देरी? मिलेगा 500 रुपये रोज का मुआवजा, जानिये नियम

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मुख्य बातें

  • क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे बंद कराना आसान होना चाहिए
  • लेकिन अगर बैंक आपकी क्लोजर रिक्वेस्ट को लटकाता है, तो आपको इसका नुकसान उठाने की जरूरत नहीं है
life time credit card
लाइफ टाइम फ्री क्रेडिट कार्ड को हमेशा रखना सही है

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे बंद कराना आसान होना चाहिए। लेकिन अगर बैंक आपकी क्लोजर रिक्वेस्ट को लटकाता है, तो आपको इसका नुकसान उठाने की जरूरत नहीं है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, तय समय में कार्ड बंद न करने पर बैंक को हर दिन 500 रुपये का मुआवजा देना पड़ सकता है। कई बार ग्राहक कार्ड बंद कराने के लिए कस्टमर केयर पर कॉल करते हैं, रिक्वेस्ट दर्ज कराते हैं और कई दिनों तक बैंक के जवाब का इंतजार करते रहते हैं। इस दौरान कार्ड बंद नहीं होता और ग्राहक को आगे चलकर सालाना फीस या दूसरे शुल्क का सामना करना पड़ सकता है।

सिर्फ 7 दिन का होता है बैंक के पास समय

आरबीआई के नियमों के मुताबिक अगर कार्डधारक ने सभी बकाया चुका दिए हैं और कार्ड बंद करने का अनुरोध किया है, तो कार्ड जारी करने वाले बैंक को 7 वर्किंग डेज के अंदर कार्ड बंद करना जरूरी है।

अगर बैंक इस समय सीमा के अंदर कार्ड बंद नहीं करता है, तो उसे ग्राहक को 500 रुपये रोजाना की दर से मुआवजा देना होगा। यह पेमेंट तब तक जारी रहेगा, जब तक कार्ड औपचारिक रूप से बंद नहीं हो जाता।

यानी अगर किसी मामले में बैंक ने कई दिनों दिनों तक कार्ड बंद नहीं किया, तो मुआवजे की रकम भी काफी बड़ी हो सकती है। एक हालिया मामले में देरी के चलते कार्डधारक को 3.21 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का मामला सामने आया।

बैंक आपको ब्रांच आने के लिए मजबूर नहीं कर सकता

कार्ड बंद कराने के लिए ग्राहक को सिर्फ ब्रांच जाकर आवेदन देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। आरबीआई के नियमों के मुताबिक बैंक को मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, ईमेल, आईवीआर या SMS जैसे विकल्प उपलब्ध कराने होते हैं।

कार्ड बंद होने के बाद बैंक को ग्राहक को एसएमएस या ईमेल के जरिए तुरंत इसकी जानकारी भी देनी होती है।

मुआवजा चाहिए तो ऐसे रखें रिकॉर्ड

सबसे पहले कार्ड का पूरा बकाया चुका दें। साथ ही ईएमआई, अनबिल्ड ट्रांजेक्शन और ऑटो डेबिट जैसी चीजें जरूर जांच लें।

इसके बाद बैंक के डिजिटल माध्यम से कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट करें और टिकट नंबर जरूर संभालकर रखें। यही तारीख बाद में आपके दावे का सबसे महत्वपूर्ण सबूत बन सकती है।

कार्ड बंद होने से पहले उपलब्ध रिवार्ड प्वाइंट्स को रीडीम करने के लिए 30 दिनों का पीरियड भी मिलता है।

अगर 7 वर्किंग डेज के बाद भी कार्ड बंद नहीं हुआ है, तो बैंक के प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर को शिकायत करें और 500 रुपये प्रतिदिन के मुआवजे की मांग करें।

अगर शिकायत के बाद भी 30 दिनों में समाधान नहीं मिलता, तो ग्राहक आरबीआई के कम्प्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) के जरिए शिकायत दर्ज करा सकता है। इसलिए इस्तेमाल न होने वाला कार्ड सिर्फ दराज में रखकर भूल जाना सही रणनीति नहीं है। अगर आपने कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट कर दी है, तो उसकी तारीख और शिकायत नंबर संभालकर रखें क्योंकि बैंक की देरी आपके लिए मुआवजे का हक बन सकती है।

Sheetal

लेखक के बारे में

Sheetal
शीतल को पत्रकारिता में 15 सालों का अनुभव है। पर्सलन फाइनेंस, गोल्ड, सिल्वर, कारोबारी सफर और स्टार्टअप की खबरें लिखती हैं। अमर उजाला से अपने करियर की शुरुआत की। अब तक इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी, भास्कर, लाइव हिन्दुस्तान और मनीकंट्रोल हिंदी (Network18) में काम किया है। अब लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट एडिटर खबरें आप तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। और पढ़ें

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