शराब की है लत! कंपनी इस वजह से कैंसिल नहीं कर सकती इंश्योरेंस क्लेम, जानिये नए नियम

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • इंश्योरेंस लेते समय शराब पीने की बात खुद बताई.
  • फिर भी मौत के बाद कंपनी ने 50 लाख रुपये का क्लेम ठुकरा दिया
  • कंपनी ने दावा किया कि पॉलिसीधारक ने अपनी शराब की आदत, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी इंश्योरेंसरियों की जानकारी छिपाई थी

Insurance claim Alcohol habit
इंश्योरेंस लेते समय शराब पीने की बात खुद बताई.. फिर भी मौत के बाद कंपनी ने 50 लाख रुपये का क्लेम ठुकरा दिया।

इंश्योरेंस लेते समय शराब पीने की बात खुद बताई.. फिर भी मौत के बाद कंपनी ने 50 लाख रुपये का क्लेम ठुकरा दिया। कंपनी ने दावा किया कि पॉलिसीधारक ने अपनी शराब की आदत, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी इंश्योरेंसरियों की जानकारी छिपाई थी। लेकिन जब मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो इंश्योरेंस कंपनी के ही डॉक्यूमेंट्स ने उसकी दलील की पोल खोल दी। आयोग ने साफ कहा कि जिस आदत की जानकारी पॉलिसी जारी होने से पहले ही दी जा चुकी थी, उसे बाद में क्लेम खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। नागपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने अब एडलवाइज टोकियो लाइफ इंश्योरेंस (Edelweiss Tokio Life Insurance) को 50 लाख रुपये का क्लेम, 9 फीसदी ब्याज और मुआवजा देने का आदेश दिया है।

शराब की आदत बताई, फिर भी खारिज कर दिया क्लेम

मामला एक महिला के पति की जीवन इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ा है। पति ने अप्रैल 2021 में इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। इसके करीब दो साल बाद 26 जनवरी 2023 को उनकी अचानक मौत हो गई। इसके बाद पत्नी ने इंश्योरेंस कंपनी के पास 50 लाख रुपये के क्लेम के लिए अप्लाई किया।

लेकिन कंपनी ने क्लेम देने के बजाय पॉलिसी ही कैंसिल कर दी और सितंबर 2023 में 18,713 रुपये का प्रीमियम रिफंड चेक भेज दिया। इसके बाद महिला ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और इंश्योरेंस अमाउंट के साथ मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजे की मांग की। लेकिन कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, इंश्योरेंस पॉलिसी कैंसिल कर दी गई और सितंबर 2023 में 18,713 रुपये का प्रीमियम रिफंड चेक भी भेज दिया गया। इसके बाद महिला ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और इंश्योरेंस अमाउंट के साथ मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजे की मांग की।

कंपनी ने लगाया जानकारी छिपाने का आरोप?

सुनवाई के दौरान इंश्योरेंस कंपनी ने दावा किया कि मृतक ने अपनी पुरानी शराब की आदत, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी इंश्योरेंसरियों की जानकारी छिपाई थी। कंपनी ने इसे इंश्योरेंस कंपनी को पूरी और सही जानकारी देने के सिद्धांत का उल्लंघन बताया। हालांकि, आयोग के सामने पेश डॉक्यूमेंट्स ने कंपनी के इस तर्क को कमजोर कर दिया। आयोग ने पाया कि पॉलिसी जारी होने से पहले 20 मई 2021 को भरे गए मेडिकल एग्जामिनेशन फॉर्म में मृतक ने खुद बताया था कि वह पिछले 15 सालों से महीने में दो बार करीब 90 एमएल व्हिस्की का सेवन करता था। यानी शराब पीने की बात इंश्योरेंस कंपनी से छिपाई नहीं गई थी। इतना ही नहीं, इंश्योरेंस कंपनी के पैनल डॉक्टर ने पॉलिसी जारी करने से पहले हुए मेडिकल परीक्षण में हाइपरटेंशन या डायबिटीज के बारे में नहीं लिखा था।

50 लाख रुपये के साथ ब्याज और मुआवजा?

इन तथ्यों के आधार पर आयोग ने कहा कि जब शराब के सेवन की जानकारी पॉलिसी जारी होने से पहले ही कंपनी के रिकॉर्ड में मौजूद थी, तो उसी आधार पर क्लेम खारिज करना उचित नहीं था। आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को 50 लाख रुपये का क्लेम 9 फीसदी सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। ब्याज का कैलकुलेशन 30 सितंबर 2023 से की जाएगी। इसके अलावा महिला को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के लिए 10 हजार रुपये तथा मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया गया।

आयोग ने यह भी माना कि हाइपरटेंशन और डायबिटीज को केवल लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां होने के आधार पर इंश्योरेंस क्लेम खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। खासकर जब इंश्योरेंस कंपनी की अपनी मेडिकल जांच में इसके बारे में नहीं लिखा था।

Sheetal

लेखक के बारे में

Sheetal
शीतल को पत्रकारिता में 15 सालों का अनुभव है। पर्सलन फाइनेंस, गोल्ड, सिल्वर, कारोबारी सफर और स्टार्टअप की खबरें लिखती हैं। अमर उजाला से अपने करियर की शुरुआत की। अब तक इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी, भास्कर, लाइव हिन्दुस्तान और मनीकंट्रोल हिंदी (Network18) में काम किया है। अब लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट एडिटर खबरें आप तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़पर्सनल फाइनेंसशराब की है लत! कंपनी इस वजह से कैंसिल नहीं कर सकती इंश्योरेंस क्लेम, जानिये नियम