₹7 वाले शेयर को खरीदने की लूट, पस्त बाजार के बीच 10% से ज्यादा उछला भाव
मुख्य बातें
- एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर ने पिछले एक सप्ताह में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की है
- हालांकि, गुरुवार को इस शेयर में 10 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई

Elitecon International share price: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाले माहौल के बीच गुरुवार को कुछ पेनी शेयर डिमांड में रहे। एक पेनी शेयर एलीटकॉन इंटरनेशनल का भी है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन इस शेयर की कीमत में 5% की बढ़त देखी गई। हालांकि, इस दौरान शेयर ने 52 हफ्ते के लो को भी टच किया। शेयर के 52 हफ्ते का लो ₹7.09 है। इसके बाद जबरदस्त रिकवरी हुई और यह उस निचले स्तर से 10% से ज्यादा चढ़कर ₹7.83 पर पहुंच गया।
एक महीने में 55% से ज्यादा टूटा शेयर
एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर ने पिछले एक सप्ताह में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की है। हालांकि, पांच साल की अवधि में शेयर का रिटर्न अभी भी करीब 636 फीसदी है। अगर शॉर्ट टर्म की बात करें तो एक महीने में शेयर लगभग 55 फीसदी, तीन महीने में करीब 76 फीसदी और छह महीने में करीब 85 फीसदी टूट चुका है। पिछले एक साल की बात करें तो शेयर में 96 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। बता दें कि सितंबर 2025 में शेयर ने ₹237 का 52-वीक हाई बनाया था लेकिन इसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली।
मैनेजमेंट में बदलाव
हाल ही में कंपनी ने अपने मैनेजमेंट में बदलाव भी किए हैं। बीते अगस्त महीने में कंपनी ने बोर्ड और मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए कुल आठ महत्वपूर्ण नियुक्तियां कीं।
प्रदीप कुमार को अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक के पद से प्रमोट कर मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा और यह साल 2031 तक चलेगा। हालांकि, निदेशकों की नियुक्ति सदस्यों की मंजूरी के अधीन है। इसके अलावा कंपनी ने कंपनी सेक्रेटरी, CFO समेत अन्य नियुक्ति भी की है।
क्या कहा कंपनी ने?
एलीटकॉन ने कहा कि नई नियुक्तियों से कॉर्पोरेट गवर्नेंस, कॉर्पोरेट कानून, सिक्योरिटीज रेगुलेशन, फाइनेंशियल देखरेख, ऑपरेशन्स और कमर्शियल मैनेजमेंट के क्षेत्रों में विशेषज्ञता आएगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप कुमार ने कहा, "जुलाई में, हमने अनुभवी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और अहम मैनेजमेंट अधिकारियों के साथ कंपनी के बोर्ड और मैनेजमेंट को मजबूत करने का इरादा साफ तौर पर जाहिर किया था। इन नियुक्तियों के साथ हमने उस वादे को आगे बढ़ाया है।"
प्रदीप कुमार ने कहा कि मजबूत हुई लीडरशिप गवर्नेंस, कंप्लायंस, फाइनेंस और ऑपरेशन्स का अनुभव लेकर आती है, जिससे कंपनी के विकास के अगले चरण के लिए एक मजबूत आधार मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि एलीटकॉन अपने लंबे समय के रोडमैप को सपोर्ट करने के लिए जरूरी लीडरशिप और गवर्नेंस स्ट्रक्चर बनाने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।


