76 पैस वाले शेयर में लगा 5% का अपर सर्किट, कर्ज फ्री होने वाली है कंपनी
मुख्य बातें
- GACM टेक्नोलॉजीज 5% उछलकर ₹0.76 के अपने अपर प्राइस बैंड पर पहुंच गया
- कंपनी ने यह भी बताया कि वह FY26 में बिना कर्ज वाली स्थिति में आ गई है

Penny stock news: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार को कुछ पेनी स्टॉक डिमांड में थे। ऐसा ही एक पेनी स्टॉक GACM टेक्नोलॉजीज का है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन इस स्टॉक में 5 पर्सेंट का अपर सर्किट लगा। आइए शेयर परफॉर्मेंस को डिटेल में जान लेते हैं।
GACM टेक्नोलॉजीज के शेयर का परफॉर्मेंस
शेयर बाजार में लिस्टेड पेनी स्टॉक GACM टेक्नोलॉजीज 5% उछलकर ₹0.76 के अपने अपर प्राइस बैंड पर पहुंच गया। यह उछाल कंपनी द्वारा जून तिमाही के नतीजे घोषित करने के एक दिन बाद आया। बता दें कि पिछले महीने कंपनी के शेयर की कीमत में 56% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल 24 सितंबर को ₹0.94 के 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इस साल 30 मार्च को यह शेयर ₹0.40 के 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया था।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
जून तिमाही के दौरान GACM टेक्नोलॉजीज का नेट प्रॉफिट ₹1.51 करोड़ रहा जबकि पिछली तिमाही में यह ₹1.57 करोड़ और पिछले साल की इसी तिमाही (YoY) में ₹3.03 करोड़ था। तिमाही के दौरान ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹4.10 करोड़ रहा। वहीं, तिमाही आधार पर यह ₹4.85 करोड़ और सालाना आधार पर ₹5.87 करोड़ था। कंपनी ने यह भी बताया कि वह FY26 में बिना कर्ज वाली स्थिति में आ गई है। इससे पिछले साल में बना वित्तीय दबाव कम हो गया है। कहने का मतलब है कि कंपनी का कर्ज कम होने वाला है।
GACM ने Tesync टेक्नोलॉजी के साथ ₹15 करोड़ के समझौते की जानकारी दी है। इसमें IT और ITES सॉल्यूशंस (जैसे SMS, वॉयस और डेटा एप्लिकेशन और गेटवे सर्विस) का ज्वाइंट डेवलपमेंट और सपोर्ट शामिल है। यह समझौता 30 सितंबर 2027 तक चलेगा, जिससे कंपनी को एक बार के बड़े ऑर्डर के बजाय लंबे समय तक चलने वाला टेक्नोलॉजी एंगेजमेंट मिलेगा।
फंड जुटाने की तैयारी में कंपनी
GACM टेक्नोलॉजीज ने 13 अगस्त को ₹1 फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) शुरू करने की भी घोषणा की। इसके जरिए कंपनी कुल ₹49.50 करोड़ तक जुटाएगी। हालांकि, कंपनी ने QIP की कीमत ₹1 तय की, जो रेगुलेटरी फ्लोर से लगभग 49% अधिक है। कंपनी ने कहा कि यह कीमत कंपनी की असल वैल्यू और ग्रोथ की संभावनाओं पर कमेटी के भरोसे को दिखाती है।
GACM ने बताया कि उसे पहले ही ₹400 करोड़ तक फंड जुटाने की बड़ी क्षमता के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इसका मतलब है कि मौजूदा ₹49.50 करोड़ का QIP कंपनी के लिए उपलब्ध कैपिटल-रेजिंग फ्रेमवर्क का सिर्फ एक हिस्सा है, जो भविष्य की मंजूरियों, मार्केट की स्थितियों और काम के अमल पर निर्भर करेगा।


