
100 रुपये तक जा सकता है यह शेयर, मजबूत तिमाही नतीजे से एक्सपर्ट बुलिश
सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया शेयर मामूली बढ़त के साथ 63.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर में 55% से ज्यादा उछाल आने वाला है। एलारा कैपिटल ने टारगेट प्राइस 100 रुपये तय किया है।
शानदार तिमाही नतीजे के बाद बाजार में लिस्टेड रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (RBA) के शेयर को लेकर एक्सपर्ट बुलिश नजर आ रहे हैं। सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को शेयर मामूली बढ़त के साथ 63.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर में 55% से ज्यादा उछाल आने वाला है।
शेयर का टारगेट प्राइस
एलारा कैपिटल ने रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया शेयर के लिए टारगेट प्राइस 100 रुपये तय किया है। यह वर्तमान कीमत से 55% से ज्यादा है। ब्रोकरेज एलारा कैपिटल के मुताबिक कंपनी ने दिसंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें ऑपरेटिंग लीवरेज का मजबूत असर दिखा। कंपनी का सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) 4.5% रहा। यह पिछले 10 तिमाहियों का उच्च स्तर है। कंपनी ने 31 दिसंबर को खत्म हुए तीन महीनों में 43.54 करोड़ रुपये का नेट लॉस बताया जबकि एक साल पहले यह लॉस 50.4 करोड़ रुपये था।
ट्रैक पर लौट रही कंपनी
कंपनी के मुताबिक भारत में कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस में डिमांड धीरे-धीरे बेहतर हो रही है क्योंकि महंगाई कंट्रोल में है और सरकार की कंजम्पशन टैक्स कटौती से खरीदारों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बच रहे हैं। हालांकि, पश्चिमी फास्ट-फूड ब्रांड्स को लोकल डाइनर्स और क्लाउड किचन से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिससे उन्हें ज्यादा डिस्काउंट देने पड़ रहे हैं। जैसे-जैसे ग्राहक ज्यादा सेलेक्टिव हो रहे हैं, रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया का मकसद कीमतों को सही रखकर उन्हें वापस लाना है
इन कोशिशों से बर्गर किंग को सेम-स्टोर सेल्स में 4.5 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल करने में मदद मिली, जो कम से कम 12 महीनों से खुले स्टोर्स की सेल्स को दिखाता है, जो पिछले क्वार्टर की 2.8 प्रतिशत ग्रोथ से ज्यादा तेज है। रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया का ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू, जो इंडोनेशिया में भी रेस्टोरेंट चलाता है, लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले महीने, कंपनी ने कहा कि रियल एस्टेट से लेकर रेस्टोरेंट ग्रुप इंस्पिरा ग्लोबल फर्म में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी के लिए 3416 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगा, क्योंकि प्राइवेट इक्विटी फर्म एवरस्टोन अपनी हिस्सेदारी बेच रही है।





