Paytm वैलेट की होगी वापसी? RBI से मांगा लाइसेंस, करोड़ों यूजर्स के लिए आई बड़ी खबर
मुख्य बातें
- पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशन ने RBI से नया PPI लाइसेंस मांगा है
- अगर मंजूरी मिलती है, तो कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर Paytm वैलेट को फिर से शुरू कर सकेगी
- पेमेंट बैंक (Payments Bank) का लाइसेंस रद्द होने के बाद वैलेट (Wallet) सेवा लगभग बंद हो गई थी

डिजिटल पेमेंट की दुनिया में एक बार फिर पेटीएम (Paytm) चर्चा में है। पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशन ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से नया PPI (Prepaid Payment Instrument) लाइसेंस मांगा है। अगर कंपनी को यह लाइसेंस मिल जाता है, तो पेटीएम वैलेट (Paytm Wallet) की वापसी हो सकती है, यानी एक समय देश के सबसे लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट्स में शामिल पेटीएम वैलेट (Paytm Wallet) फिर से ग्राहकों के लिए उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, अभी अंतिम फैसला RBI को लेना है और लाइसेंस मिलने तक कंपनी अपनी मौजूदा UPI सेवाएं पार्टनर बैंकों के जरिए ही जारी रखेगी।
दरअसल, पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) का लाइसेंस रद्द होने के बाद कंपनी के वॉलेट कारोबार पर बड़ा असर पड़ा था। पहले ग्राहक पेटीएम वैलेट (Paytm Wallet) में पैसे लोड करके मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल, ऑनलाइन शॉपिंग, दुकानों पर भुगतान और कई तरह के डिजिटल ट्रांजैक्शन आसानी से कर लेते थे। लेकिन, नियामकीय कार्रवाई के बाद कंपनी अपना वॉलेट बिजनेस पहले की तरह नहीं चला सकी। हालांकि, UPI सेवाएं बंद नहीं हुईं और पेटीएम (Paytm) ने दूसरे बैंकों के साथ पार्टनरशिप करके अपने करोड़ों ग्राहकों को भुगतान की सुविधा जारी रखी।
PPI लाइसेंस होता क्या है?
आसान भाषा में समझें तो PPI यानी प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट ऐसा लाइसेंस है, जिसकी मदद से कोई कंपनी डिजिटल वॉलेट जैसी सेवाएं दे सकती है। इसमें ग्राहक पहले अपने वॉलेट में पैसे जमा करते हैं और फिर उन्हीं पैसों से भुगतान करते हैं। इस वॉलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी, यूटिलिटी बिल भुगतान, कुछ तय सीमा तक पैसे ट्रांसफर करने और डेली के डिजिटल लेनदेन के लिए किया जा सकता है। यह बैंक अकाउंट से अलग होता है, क्योंकि इसमें वही राशि खर्च की जा सकती है, जो पहले से वॉलेट में जमा की गई हो।
पेटीएम ने क्यों मांगा नया लाइसेंस?
पेटीएम (Paytm) ने नया लाइसेंस इसलिए मांगा है, ताकि वह अपने वॉलेट कारोबार पर फिर से सीधा कंट्रोल हासिल कर सके। अभी कंपनी UPI सर्विस के लिए दूसरे बैंकों पर निर्भर है, लेकिन अगर PPI लाइसेंस मिल जाता है, तो वह अपने प्लेटफॉर्म पर फिर से डिजिटल वॉलेट शुरू कर सकेगी। इससे ग्राहकों को UPI के साथ-साथ एक अतिरिक्त पेमेंट विकल्प मिलेगा, जिससे ऐप का उपयोग और बढ़ सकता है। साथ ही कंपनी अपने मर्चेंट नेटवर्क को भी पहले से ज्यादा मजबूत बना सकेगी और डिजिटल पेमेंट बिजनेस में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने की कोशिश करेगी।
अगर RBI इस आवेदन को मंजूरी देता है, तो पेटीएम (Paytm) के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है। कंपनी एक बार फिर वॉलेट सेवाएं शुरू कर सकेगी, जिससे ग्राहकों की ऐप पर गतिविधि बढ़ेगी और पेमेंट इकोसिस्टम ज्यादा मजबूत होगा। कंपनी का मानना है कि ग्राहकों को जितने अधिक पेमेंट विकल्प मिलेंगे, उनका अनुभव उतना ही बेहतर होगा। इसलिए पेटीएम वैलेट (Paytm Wallet) की वापसी उसके डिजिटल बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फिलहाल, यह प्रस्ताव RBI के पास विचाराधीन है। केंद्रीय बैंक कंपनी के आवेदन, नियमों के पालन और अन्य जरूरी पहलुओं की जांच करने के बाद ही अंतिम फैसला करेगा, तब तक पेटीएम (Paytm) की UPI सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी, यानी फिलहाल ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, लेकिन अगर PPI लाइसेंस मिल जाता है, तो आने वाले समय में पेटीएम वैलेट (Paytm Wallet) एक बार फिर भारतीय डिजिटल पेमेंट बाजार में वापसी करता दिखाई दे सकता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
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