
Paytm में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी पहली बार घटी, रिटेल इन्वेस्टर लगातार बेच रहे शेयर
सितंबर तिमाही में मोतीलाल ओसवाल एमएफ, निप्पॉन इंडिया एमएफ, मिराए एसेट एमएफ और बंधन एमएफ पेटीएम में हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख फंड थे। दिसंबर तिमाही में पहले 3 फंड हाउसों ने अपनी हिस्सेदारी घटा ली, जबकि बंधन एमएफ का नाम सूची में नहीं है।
पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस में देश के म्यूचुअल फंड्स ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी घटा ली है। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर अपने ताजा शेयरधारिता पैटर्न में यह जानकारी दी है। यह नवंबर 2021 में सूचीबद्ध होने के बाद पहला मौका है जब म्यूचुअल फंड्स ने अपनी हिस्सेदारी कम की है। इससे पहले तक उनकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही थी।
छोटे निवेशकों की बिकवाली जारी
सीएनबीसी टीवी 18 की खबर के मुताबिक रिटेल शेयरधारक लगातार सातवीं तिमाही से इस शेयर को बेच रहे हैं और उनकी हिस्सेदारी लगातार घट रही है। दिसंबर तिमाही के अंत में देश के म्यूचुअल फंड्स की पेटीएम में हिस्सेदारी 14.96% रह गई, जबकि सितंबर तिमाही के अंत में यह 16.25% थी। दो लाख रुपये तक शेयरधारिता रखने वाले छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी सितंबर 2023 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
प्रमुख फंड हाउसों ने घटाई हिस्सेदारी
सितंबर तिमाही में मोतीलाल ओसवाल एमएफ, निप्पॉन इंडिया एमएफ, मिराए एसेट एमएफ और बंधन एमएफ पेटीएम में हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख फंड थे। दिसंबर तिमाही में पहले तीन फंड हाउसों ने अपनी हिस्सेदारी घटा ली, जबकि बंधन एमएफ का नाम सूची में नहीं है। इसका मतलब यह है कि या तो उसकी हिस्सेदारी 1% से नीचे आ गई है या उसने शेयर बेच दिया है।
किसने कितनी घटाई हिस्सेदारी
वन97 कम्युनिकेशंस में मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड की होल्डिंग सितंबर तिमाही में 5.57 प्रतिशत थी। दिसंबर तिमाही में यह घटकर 4.96 प्रतिशत रह गई है। इसी तरह निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड की हिस्सेदारी 2.11 से घटकर अब 1.64 प्रतिशत रह गई है। मिराए एसेट लार्जकैप फंड की हिस्सेदारी 1.66 प्रतिशत से घटकर 1.56 प्रतिशत रह गई है।
शेयर में भारी उतार-चढ़ाव
पेटीएम के शेयर ने 16 फरवरी 2024 को आरबीआई की कार्रवाइयों को लेकर चिंता में 318 रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर छुआ था। इसके बाद नियामक चिंताओं के कम होने और पेटीएम पेमेंट्स बैंक को पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने से शेयर में तेजी आई। कंपनी के जल्द प्रॉफिटेबल होने की उम्मीद ने भी इस रैली में योगदान दिया। शेयर ने हाल ही में 1,381 रुपये का 52-सप्ताह का उच्चस्तर छुआ, जो रिकॉर्ड निचले स्तर से 334% अधिक है।
आगे का रास्ता
इस बड़ी वसूली के बावजूद पेटीएम के शेयर अभी भी उसके 2,150 रुपये के आईपीओ मूल्य से 40% नीचे कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजे अब शेयर के लिए अगला बड़ा ट्रिगर हो सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)





