बड़ी छंटनी की तैयारी! 20% कर्मचारियों की नौकरी जाएगी, खुद को AI से बदलने चली ये कंपनी
PayPal ने अपने बिजनेस को AI-ड्रिवन बनाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए अगले 2–3 सालों में 20% कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई है। कंपनी ऑपरेशंस को सरल बनाने, खर्च कम करने और टेक्नोलॉजी पर फोकस बढ़ाने के लिए यह कदम उठा रही है। हालांकि, रेवेन्यू में 7% की बढ़त हुई है।

दुनियाभर में ऑनलाइन पेमेंट की दिग्गज कंपनी पेपैल (PayPal) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेपैल आने वाले 2 से 3 सालों में अपने कुल वर्कफोर्स यानी कर्मचारियों की संख्या में 20% की बड़ी कटौती (Layoffs) करने की योजना बना रही है। कंपनी का यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब वह बाजार के भारी दबाव, गिरती शेयर कीमतों और कोरोना महामारी के बाद से कारोबार में आई सुस्ती से जूझ रही है। अब कंपनी खर्चों को कम करने और खुद को दोबारा तकनीक की दुनिया का लीडर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव खेल रही है। आइए समझते हैं कि पेपैल में इस बड़े बदलाव और छंटनी की असली वजह क्या है।
क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?
पेपैल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एनरिक लोरस ने पहली तिमाही के नतीजों के दौरान साफ किया कि कंपनी को बाजार में बने रहने के लिए अपनी रफ्तार बढ़ानी होगी। कंपनी का मानना है कि इस बड़ी छंटनी और रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) के जरिए वह अगले 2 से 3 सालों में कम से कम 1.5 बिलियन डॉलर (करीब ₹12,500 करोड़) की भारी-भरकम बचत कर पाएगी।
क्लाउड और AI पर कंपनी का फोकस
पेपैल अब अपने पुराने सिस्टम को छोड़कर क्लाउड-नेटिव सिस्टम को तेजी से अपना रही है। साथ ही कोडिंग से लेकर नए प्रोडक्ट्स को जल्द से जल्द बाजार में उतारने के लिए इंसानों की जगह AI का इस्तेमाल बढ़ाने जा रही है।
केवल कोडिंग नहीं, हर जगह काम करेगा AI
पेपैल में एआई का इस्तेमाल केवल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी ने एक खास 'AI ट्रांसफॉर्मेशन और सिंपलीफिकेशन टीम' बनाई है, जो सीधे सीईओ को रिपोर्ट करेगी। ग्राहकों की मदद (Customer Support), कामकाज के तरीकों (Operational Workflows) और वित्तीय जोखिमों को भांपने (Risk Management) के लिए भी अब इंसानों की जगह एडवांस एआई टूल्स का उपयोग किया जाएगा। कंपनी अपने कामकाज को सरल बनाने के लिए इसे 3 मुख्य विभागों चेकआउट सॉल्यूशंस (PayPal), कंज्यूमर फाइनेंशियल सर्विसेज (Venmo) और पेमेंट्स व क्रिप्टो सर्विसेज में बांट रही है।
स्ट्रॉन्ग रेवेन्यू के बाद भी क्यों है संकट?
पेपैल ने चालू वर्ष की पहली तिमाही में 8.4 बिलियन डॉलर (करीब ₹70,000 करोड़) का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल से 7% अधिक है। इसके बावजूद कंपनी ने अगली तिमाही के लिए जो अनुमान (Forecast) जारी किए हैं, वे उम्मीद से काफी कमजोर हैं। इस वजह से नतीजों के बाद पेपैल के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। साल 2021 में अपने शिखर पर पहुंचने के बाद से कंपनी की मार्केट वैल्यू लगातार गिरी है और अब कंपनी एआई के सहारे अपनी पुरानी चमक वापस पाने की कोशिश में जुटी है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


