IPO लेकर आ रही पारले-जी बिस्किट बनाने वाली कंपनी, 5 बैंकों से चल रही बात
पारले-जी बिस्किट बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने बैंकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। जिन बैंकों से संपर्क किया गया है, उनमें कोटक महिंद्रा बैंक, JM फाइनेंशियल और एक्सिस बैंक शामिल हैं।

Parle Products IPO: पारले-जी बिस्किट बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में कंपनी ने बैंकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। CNBC-TV18 सूत्र के मुताबिक मुंबई की कंपनी पारले प्रोडक्ट्स ने संभावित आईपीओ के लिए कम से कम पांच इन्वेस्टमेंट बैंकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जिन बैंकों से संपर्क किया गया है, उनमें कोटक महिंद्रा बैंक, JM फाइनेंशियल और एक्सिस बैंक शामिल हैं।
शुरुआती चरण में बातचीत
वैसे तो आईपीओ की चर्चाएं अभी शुरुआती चरण में हैं लेकिन उम्मीद है कि मई के मध्य तक कंपनी इसके लिए कदम बढ़ाए। सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्तावित डील पूरी तरह से सेकेंडरी होने की संभावना है, जिसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसका मतलब है कि कंपनी फ्रेश इश्यू नहीं जारी करेगी और कोई नया कैपिटल नहीं जुटाएगी।
क्या कहा कंपनी के प्रवक्ता ने?
CNBC-TV18 से पारले प्रोडक्ट्स के एक प्रवक्ता ने कहा- हम अपने बिजनेस को चलाने और उसे आगे बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। किसी भी बड़ी कंपनी की तरह, हम भी सलाहकारों से मिलने वाले उन आइडिया पर विचार करते हैं जिनसे कंपनी को फायदा हो सकता है। अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं है।
कंपनी के बारे में
पारले प्रोडक्ट्स भारत की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों में से एक है। 1929 में मुंबई में चौहान परिवार द्वारा शुरू किया गया यह बिजनेस अब तीसरी पीढ़ी- विजय, शरद और राज चौहान द्वारा चलाया जा रहा है। यह 100% प्रमोटरों के स्वामित्व में है।
ग्लोबली बात करें तो कंपनी अमेरिका, UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और मध्य-पूर्व में मौजूद हैं। वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिशों के तहत पारले को कुछ विश्व-मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन मिले हैं। पारले की भारत के बाहर 7 देशों में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। ये देश- कैमरून, नाइजीरिया, घाना, इथियोपिया, केन्या, आइवरी कोस्ट, नेपाल हैं। साल 2018 में कंपनी ने मैक्सिको में भी एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया था।
बता दें कि मोहनलाल दयाल ने साल 1928 में 'हाउस ऑफ पार्ले' की स्थापना की। कंपनी की पहली फैक्टरी 1929 में शुरू हुई, जिसमें सिर्फ 12 लोग मिठाइयां बनाते थे। कंपनी ने 1939 में अपना पहला बिस्किट पारले ग्लूको बनाया। पारले-जी ने के पोर्टफोलियो में कई बड़े ब्रांड हैं। कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स में पारले-जी, ग्लूको, 20-20, मॉनाको, मैरी, क्रैकजैक, मिल्क शक्ति, चटकीन्स, रस्क, काचचा मैंगो बाइट, किस्मी, हैपी हैपी, रोल-ए-कोला, ड्यूट, गोला गप्पा, फाबी, मैगीक्स, हाइड एंड सीक फिल्स आदि शामिल हैं।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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