एक झटके में डूबा पाकिस्तान का शेयर बाजार, 6,000 अंकों की भारी गिरावट; ये है निवेशकों में डर की वजह
Pakistan share market KSE 100 crash: अमेरिका द्वारा ईरान के पोर्ट्स की नाकाबंदी के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर देखने को मिला है। KSE-100 इंडेक्स में 6,000 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई, जबकि तेल सप्लाई संकट की आशंका से महंगाई और इंपोर्ट बिल बढ़ने का खतरा है।

Pakistan share market KSE 100 crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे शेयर बाजारों पर दिखने लगा है। डोनॉल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी (Blockade) का आदेश दिया, जिसका सीधा असर KSE-100 सूचकांक (KSE-100 Index) पर भारी गिरावट के रूप में देखने को मिला। इस खबर के बाद पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में हड़कंप मच गया और इंडेक्स कारोबारी दिन में ही 6,000 से ज्यादा अंक टूटकर 1.61 लाख के करीब पहुंच गया। हालांकि, बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।
सोमवार को इंडेक्स में 3.5% की गिरावट आई और यह 1,61,638 के निचले स्तर पर पहुंच गया। बता दें कि पिछले सप्ताह बुधवार को सूचकांक में भारी उछाल आया था और यह 12,000 से अधिक अंक बढ़कर एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज करने में सफल रहा था। लेकिन, फिर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के बीच हुई युद्धविराम वार्ता विफल होने के बाद बेंचमार्क इंडेक्स KSE 100 में लगभग 6,000 अंकों की भारी गिरावट आई।
यह गिरावट सिर्फ एक खबर का असर नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ा जियोपॉलिटिकल खतरा छिपा है। ईरान के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया का एक बेहद अहम तेल सप्लाई रूट है, जहां पहले से ही तनाव बना हुआ है। अगर यहां सप्लाई बाधित होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की तेल कीमतों और बाजारों पर पड़ता है। इसी डर से KSE 100 के निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार दबाव में आ गया।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही इसी बाजार में जोरदार तेजी आई थी, जब अमेरिका-ईरान सीजफायर की खबर से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (Pakistan Stock Exchange) में रिकॉर्ड उछाल देखा गया था। लेकिन, अब हालात पलटते ही वही बाजार गिरावट की चपेट में आ गया है।
KSE-100 में 12,000 अंकों से ज्यादा की तेजी
आपको बता दें कि बीते बुधवार को पाकिस्तानी शेयर बाजार में उछाल देखने को मिली थी। पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी ग्लोबल पीस के चलते पाकिस्तानी बाजार ने जोरदार रिकवरी दर्ज की थी। कराची स्टॉक एक्सचेंज (KSE-100) 12000 अंकों से ज्यादा तेजी के साथ खुला था और दोपहर में कराची स्टॉक एक्सचेंज इंडेक्स 13500 अंक उछलकर 165205 पर ट्रेड पर पहुंच गया था, जिसके बाद निवेशकों में खुशी की लहर थी। लेकिन, आज सोमवार के कारोबारी बाजार में भारी गिरावट ने निवेशकों का दिल एक बार फिर तोड़ दिया है।
मार्केट क्रैश का पाकिस्तान पर क्या असर?
अमेरिका द्वारा ईरान के पोर्ट्स की नाकाबंदी का असर पाकिस्तान पर कई स्तरों पर पड़ सकता है। सबसे पहला और सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर दिख रहा है, जहां KSE-100 Index में भारी गिरावट आई है। निवेशकों में डर बढ़ने से विदेशी निवेश (FII) निकल सकता है, जिससे बाजार और कमजोर हो सकता है।
आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर
दूसरा बड़ा असर ऊर्जा सेक्टर पर पड़ेगा। पाकिस्तान पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रहा है और तेल-गैस की सप्लाई काफी हद तक मध्य-पूर्व पर निर्भर है। अगर स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) में रुकावट आती है, तो तेल की कीमतें और बढ़ेंगी, जिससे पाकिस्तान का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा और महंगाई और तेज हो सकती है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
करेंसी और चालू खाता घाटे पर असर
तीसरा असर करेंसी और चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) पर पड़ेगा। ज्यादा महंगा तेल खरीदने से डॉलर की मांग बढ़ेगी, जिससे पाकिस्तानी रुपया कमजोर हो सकता है और आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


