5000 से अधिक बैंक कर्मचारियों की गई नौकरी, रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद बोनस के मौसम में छंटनी

Apr 16, 2026 08:11 am ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Layoff: बोनस के मौसम में अमेरिका के छह सबसे बड़े बैंकों में से 4 ने 5000 बैंक कर्मचारियों की नौकरी खा ली। वह भी तब जब बैंकों ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है। क्या AI छीन रहा है नौकरियां?

5000 से अधिक बैंक कर्मचारियों की गई नौकरी, रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद बोनस के मौसम में छंटनी

अमेरिका के छह सबसे बड़े बैंकों में से 4 ने इस साल की पहली तिमाही में अपने कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार चलाया है। सबसे ज्यादा 4,000 बैंक कर्मचारी वेल्स फार्गो में छंटनी के शिकार हुए हैं। यह छंटनी तब हो रही, जब बैंकों ने कुल 47.3 अरब डॉलर का शुद्ध मुनाफा कमाया है। हालांकि, जेपी मॉर्गन चेज एंड कंपनी और मॉर्गन स्टेनली ने अपने स्टाफ में बढ़ोतरी की।

बोनस के मौसम में छंटनी

आमतौर पर बैंक पहली तिमाही में बोनस देने के आसपास स्टाफ में बदलाव करते हैं। हालांकि, किसी भी सीईओ ने सीधे एआई को छंटनी से नहीं जोड़ा, लेकिन इस साल की कटौती पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक रही। पिछले साल सभी बैंकों ने मिलाकर केवल 707 कर्मचारी घटाए थे।

क्यों हो रही छंटनी

ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक कमाई में बढ़ोतरी के बावजूद बैंकों ने पिछले साल की तरह इस साल भी कर्मचारियों की संख्या घटाना जारी रखा। यानी अब जरूरी नहीं कि अच्छा प्रदर्शन करने वाली कंपनियां भी नए लोगों को नहीं जोड़ेंगी, क्योंकि वे एआई में पैसा लगाकर टीम छोटी कर रही हैं।

एआई के कारण लगातार 23 तिमाहियों से घट रहे पद

वेल्स फार्गो के सीईओ चार्ली शार्फ ने कहा, "हम टेक्नोलॉजी और एआई में निवेश बढ़ा रहे हैं। इफिसिएंशी बढ़ाने की वजह से लगातार 23 तिमाहियों से हमारे कर्मचारियों की संख्या घट रही है।" यह सिलसिला पिछले साल से जारी है, जब बड़े बैंकों ने लगभग एक दशक में सबसे ज्यादा छंटनी की थी।

बैंक ऑफ अमेरिका के सीईओ ने क्या कहा

बैंक ऑफ अमेरिका के सीईओ ब्रायन मोयनिहान ने कहा, "एआई हमें नई संभावनाएं दे रहा है। हम अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन हमें इसके असली फायदे दिखने लगे हैं। एआई के युग ने बैंकर्स और ट्रेडरों में नई बेचैनी पैदा कर दी है।"

सिटीग्रुप में एआई का बड़ा इस्तेमाल

सिटीग्रुप के सीईओ जेन फ्रेजर ने बताया कि कंपनी के 2.24 लाख कर्मचारियों में से 80% से अधिक एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्रेडिंग टीमें हर महीने एआई की मदद से 1,700 घंटे की बचत कर रही हैं। इंजीनियरों ने 30 साल पुराने कोडिंग को मात्र दो दिनों में फिर से तैयार किया।

सरकार ने बैंकों को साइबर खतरों से आगाह किया

इन नतीजों से पहले अमेरिकी अधिकारियों ने बड़े बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की, जिसमें एंथ्रोपिक के नए एआई मॉडल 'मिथोस' से उत्पन्न साइबर खतरों पर चर्चा हुई। बैंक उस मॉडल का परीक्षण कर रहे हैं।

गोल्डमैन सैक्स के सीईओ का भरोसा: 'एआई से होगा बड़ा बदलाव'

गोल्डमैन सैक्स के सीईओ डेविड सोलोमन ने कहा, "नई टेक्निक के साथ रास्ते में उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन एआई की ताकत अद्भुत है। यह प्रोसेस को बदलने, दक्षता बढ़ाने और ग्रोथ में निवेश करने की क्षमता देती है। ऐसा कोई सीईओ नहीं है जो इस बारे में बात नहीं कर रहा हो।"

स्नैपचैट ने 16% कर्मचारियों को किया बर्खास्त, एआई को बताया वजह

छंटनी की एक और खबर स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप से है।। उसने अपने 16% फुलटाइम कर्मचारियों (लगभग 1,000 लोगों) को हटा रही है। कंपनी ने कहा कि एआई की मदद से काम आसान हो गया है और छोटी टीमों से भी काम चलाया जा सकता है। स्नैपचैट में 65% से अधिक नया कोड अब एआई टूल्स से लिखा जा रहा है।

Drigraj Madheshia

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Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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