21 लाख से ज्यादा EPF अकाउंट ठप, सरकार ने सदन में दी चौंकाने वाली जानकारी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • फाइनेंशियल ईयर 2020-21 से 2023-24 के बीच इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) EPF अकाउंट्स की संख्या में 84% की बढ़ोतरी हुई है
  • इसके अलावा, यह भी देखा गया कि हर इनऑपरेटिव अकाउंट में औसत रकम चार सालों में 18% बढ़ी है
EPFO
EPF अकाउंट पर बड़ा अपडेट

नौकरीपेशा लोगों के बीच एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) अकाउंट्स की काफी अहमियत होती है। हालांकि, कई ऐसे EPF अकाउंट्स भी हैं जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं। ऐसे अकाउंट के बारे में श्रम और रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने जानकारी दी है।

क्या कहा मंत्री ने?

शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2020-21 से 2023-24 के बीच इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) EPF अकाउंट्स की संख्या में 84% की बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, 2020-21 में ऐसे खातों की संख्या 11,72,923 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 21,55,387 हो गई। यानी चार साल में इन खातों की संख्या करीब 84 फीसदी बढ़ी। इसके साथ ही सेटल न हुए बैलेंस में भी इजाफा हुआ है और सेटल की गई रकम में कमी आई है। इसके अलावा, यह भी देखा गया कि हर इनऑपरेटिव अकाउंट में औसत रकम चार सालों में 18% बढ़ी है।

फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में यह ₹33,513 थी, जो फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में बढ़कर ₹39,460 हो गई। बता दें कि सांसद नीरज डांगी ने करंदलाजे से वित्तीय वर्ष 2020-21 से अब तक निष्क्रिय EPF खातों की संख्या और उनमें जमा राशि के बारे में जानकारी मांगी थी। यह जानकारी साल-दर-साल और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के आधार पर मांगी गई थी।

क्यों बढ़ रहे हैं निष्क्रिय EPF खाते?

शोभा करंदलाजे के मुताबिक, इसका प्रमुख कारण नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारियों की ओर से EPF राशि निकालने या क्लेम करने के लिए आवेदन नहीं करना है। इसके अलावा KYC और आधार सीडिंग अभियान के दौरान ऐसे खाते भी निष्क्रिय श्रेणी में आ गए, जिन्हें पहले सदस्य की जन्मतिथि जैसी जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण इस श्रेणी में नहीं रखा गया था।

सरकार ने क्या कदम उठाए?

सरकार ने इनएक्टिव EPF अकाउंट्स की पहचान करने के लिए क्या उपाय किए हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए करंदलाजे ने बताया कि सरकार ने KYC डिटेल्स की उपलब्धता और स्टेटस के आधार पर बिना क्लेम किए गए फंड वाले इनएक्टिव EPF अकाउंट्स की पहचान करने और उन्हें कैटेगरी में बांटने के लिए उपाय किए हैं।

करंदलाजे ने बताया कि संशोधित EPF स्कीम, 2026 में EPF क्लेम को ऑटो-इनिशिएट करने का प्रावधान शामिल किया गया है, ताकि फंड को सीधे आधार-सीडेड बैंक अकाउंट्स में जमा किया जा सके। मंत्री ने आगे कहा कि EPFO ​​ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और 'निधि आपके निकट (NAN) 2.0' कैंप के जरिए एम्प्लॉयर्स और एम्प्लॉईज़ के बीच EPF सेवाओं और इनएक्टिव अकाउंट्स के बारे में जानकारी फैलाने के लिए आउटरीच और जागरूकता अभियान भी चलाए हैं।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar

हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़21 लाख से ज्यादा EPF अकाउंट ठप, सरकार ने सदन में दी चौंकाने वाली जानकारी