30,000 कर्मचारियों की छुट्टी! फिर भी 6% तक उछले कंपनी के शेयर, अब सेवरेंस पैकेज के लिए छिड़ी बहस
ओरेकल (Oracle) ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला तो एक नई बहस छिड़ गई कि क्या कंपनी अपने कर्मचारियों को अच्छा सेवरेंस पैकेज (मुआवजा पैकेज) दे रही है या नहीं? इसके बावजूद भी कंपनी के शेयरों में उछाल देखी गई है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

ओरेकल (Oracle) के कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें सुबह-सुबह एक ईमेल मिला, जिसमें लिखा था कि उनकी पोजिशन खत्म कर दी गई है और वही दिन उनका आखिरी वर्किंग डे था। इसके पहले ना कोई चेतावनी दी गई और ना मीटिंग, बस एक ईमेल और एक्सेस बंद कर दिया गया। टेक सेक्टर में छंटनी (layoffs) की खबरें लगातार बढ़ रही हैं और अब जब ओरेकल (Oracle) ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला तो एक नई बहस छिड़ गई कि क्या कंपनी अपने कर्मचारियों को अच्छा सेवरेंस पैकेज (मुआवजा) दे रही है या नहीं? हालांकि, इसके बावजूद भी कंपनी के शेयरों में 5% से ज्यादा की उछाल देखी गई है।
सेवरेंस पैकेज कितना?
बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में छंटनी किए गए कर्मचारियों को 4 सप्ताह का मूल वेतन और साथ ही हर अतिरिक्त साल की नौकरी के लिए 1 सप्ताह का मुआवजा पैकेज मिलेगा। हालांकि, यह पैकेज 26 सप्ताह तक बढ़ जाता है।
ओरेकल ने छंटनी के बाद मुआवजा पैकेज जारी करने में अन्य प्रमुख तकनीकी कंपनियों का अनुसरण किया है, लेकिन इसका पैकेज मेटा के पैकेज की तुलना में मामूली बताया जा रहा है।
ट्विटर की स्थापना करने वाले जैक डोर्सी की कंपनी ब्लॉक (Block Inc. पूर्व में स्क्वायर/Square) ने फरवरी 2026 में अपने लगभग आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, जिसके बाद सेवरेंस पैकेज में 20 सप्ताह का वेतन और साथ ही प्रत्येक साल की सर्विस के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का वेतन शामिल था। प्रभावित कर्मचारियों को सूचित किया गया कि उन्हें 5,000 डॉलर का स्टाइपेंड (stipend), उनका वर्क डिवाइस और 6 महीने का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा।
बिजनेस इनसाइडर ने बताया कि 2025 में छंटनी के बाद मेटा ने 16 सप्ताह का वेतन और प्रत्येक साल की सर्विस के लिए 2 सप्ताह का अतिरिक्त सेवरेंस पैकेज देने की पेशकश की थी। इसके अलावा मार्क जकरबर्ग की कंपनी ने 6 महीने का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज भी ऑफर किया था।
छंटनी की असली वजह क्या?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओरेकल (Oracle) अब AI (Artificial Intelligence) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रहा है। इसलिए कंपनी अपने खर्च कम करके संसाधनों को नई टेक्नोलॉजी की तरफ शिफ्ट कर रही है।
क्या है सेवरेंस पैकेज?
जब किसी कंपनी में आपकी नौकरी खत्म (Layoff) कर दी जाती है, तो कंपनी आपको कुछ पैसे और सुविधाएं देती है, ताकि आप नई नौकरी ढूंढने तक आर्थिक रूप से संभल सकें। इसी को सेवरेंस पैकेज (Severance Package) कहते हैं।
इसमें क्या-क्या शामिल होता है?
सेवरेंस पैकेज (Severance Package) में आमतौर पर कुछ हफ्तों या महीनों की सैलरी (पगार), हेल्थ इंश्योरेंस (कुछ समय तक जारी), कभी-कभी बोनस या अतिरिक्त पैसा, कुछ मामलों में लैपटॉप या अन्य कंपनी का सामान रखने की अनुमति और नई नौकरी ढूंढने में मदद (Job support) शामिल होती है।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपकी सैलरी ₹50,000 महीना है और कंपनी आपको 2 महीने का सेवरेंस (Severance) देती है, तो आपको ₹1,00,000 मिलेंगे, भले ही आप काम न कर रहे हों।
ओरेकल के शेयरों में उछाल
इतनी बड़ी छंटनी के बावजूद ओरेकल के शेयरों में उछाल आया है। ऑरेकल के शेयरों में लगभग 5-6% की उछाल दर्ज की गई है। 1 अप्रैल 2026 को इसका शेयर 5.99% की तेजी के साथ 147.11 USD पर कारोबार कर रहा था।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


