इस कंपनी ने भारत से बटोरा अपना बोरिया-बिस्तर, अचानक बंद किए सभी ऑपरेशन, सामने आया चौंकाने वाला सच
मुख्य बातें
- अमेरिका की रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी Opendoor ने भारत में अपने ऑपरेशन बंद करने और करीब 250 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया है
- कंपनी ने छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज और करियर सहायता देने का वादा किया है

भारत में काम कर रहे हजारों टेक प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका की रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी ओपेनडोर (Opendoor) ने अपने भारत स्थित ऑपरेशंस को बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत कंपनी चेन्नई और बेंगलुरु ऑफिस में कार्यरत करीब 250 कर्मचारियों की छंटनी (Layoff) कर रही है। कंपनी के इस कदम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की बढ़ती भूमिका के कारण वैश्विक कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव कर रही हैं।
Opendoor 2.0 नाम की नई रणनीति
ओपेनडोर (Opendoor) के CEO काज़ नेजातियन (Kaz Nejatian) ने कर्मचारियों को भेजे गए एक मेमो में बताया कि कुछ महीने पहले कंपनी ने “Opendoor 2.0” नाम की नई रणनीति शुरू की थी। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य AI आधारित सिस्टम को अपनाना, खर्चों में कटौती करना और ग्राहकों से जुड़े कामों को अमेरिका के अधिक करीब लाना है। कंपनी का मानना है कि उसके ज्यादातर ग्राहक अमेरिका में हैं, इसलिए ऑपरेशनल गतिविधियों को भी वहीं से संचालित करना ज्यादा प्रभावी होगा।
भारत के ऑपरेशंस को बंद
CEO ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में भारत में मौजूद कई भूमिकाओं को पहले ही अमेरिका में शिफ्ट किया जा चुका था। अब कंपनी ने पूरी तरह भारत के ऑपरेशंस को बंद करने और शेष कार्यों को भी अमेरिका में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को ट्रांजिशन प्रक्रिया पूरी होने तक कंपनी में बनाए रखा जाएगा।
कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज
कंपनी ने यह भी कहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज, आउटप्लेसमेंट सर्विसेज और नई नौकरी खोजने में सहायता जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इतना ही नहीं, CEO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारतीय कर्मचारियों की जमकर तारीफ की और अन्य कंपनियों से अपील की कि वे इन प्रतिभाशाली कर्मचारियों को नौकरी देने पर विचार करें। उन्होंने लिखा कि भारत की टीम बेहद कुशल और मेहनती है और वे व्यक्तिगत रूप से उनके लिए सिफारिश करते हैं।
AI-सेंट्रिक बन रहा कंपनी का बिजनेस
दरअसल, ओपेनडोर (Opendoor) अब अपने बिजनेस को अधिक AI-केंद्रित बनाना चाहती है। कंपनी का कहना है कि भविष्य में कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा प्रभावशाली काम किया जाएगा। इसके लिए कंपनी कई मैनुअल प्रक्रियाओं को खत्म कर रही है और एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जिससे घर खरीदने, रेनोवेशन और बेचने की पूरी प्रक्रिया एक ही सिस्टम पर ट्रैक की जा सके। इससे समय और लागत दोनों में कमी आएगी।
लगातार वर्कफोर्स घटा रही कंपनी
दिलचस्प बात यह है कि Opendoor पिछले कुछ सालों से लगातार अपनी वर्कफोर्स घटा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 के अंत तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या घटकर 1,042 रह गई थी, जबकि एक साल पहले यह संख्या 1,470 थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों की संख्या भी 342 से घटकर 184 रह गई थी।
यूरोपियन यूनियन में ऑपरेशंस जारी
हालांकि, भारत से बाहर निकलने के बावजूद कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह यूरोपियन यूनियन में अपने ऑपरेशंस जारी रखेगी। पोलैंड में कंपनी की टीम को लेकर उठे सवालों पर CEO ने कहा कि वहां की टीम अभी भी कंपनी की भविष्य की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ओपेनडोर (Opendoor) का यह फैसला केवल एक कंपनी की छंटनी की खबर नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि AI और ऑटोमेशन के दौर में वैश्विक कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को तेजी से बदल रही हैं। आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में ऐसे बदलाव और भी देखने को मिल सकते हैं, जहां दक्षता बढ़ाने के लिए पारंपरिक नौकरियों की जगह नई तकनीकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


