
इंट्राडे में 8% टूटा यह चर्चित शेयर, एक एक्सपर्ट ने कहा- 25 रुपये तक गिरेगा भाव
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड शेयर दिन के उच्चतम स्तर से 8% तक गिर गया। ट्रेडिंग रेंज 45.84 रुपये से 41.68 रुपये के बीच रहा। इस शेयर को लेकर एक्सपर्ट की अलग-अलग राय है। एक एक्सपर्ट ने 25 रुपये का टारगेट दिया।
Ola Electric share price: सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली के बीच कुछ शेयर भी लाल नजर आए। ऐसा ही एक शेयर- ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड है। यह शेयर दिन के उच्चतम स्तर से 8% तक गिर गया। ट्रेडिंग रेंज 45.84 रुपये से 41.68 रुपये के बीच रहा। इसी के साथ शेयर में तीन सत्रों की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। बता दें कि पिछले तीन सत्रों में स्टॉक में 22% की तेजी आई थी।
शेयर अपने हाई से काफी नीचे
हाल की तेजी के बावजूद शेयर अपने हाई लेवल से काफी नीचे है। ओला इलेक्ट्रिक अपने लिस्टिंग के बाद के हाई ₹157 से लगभग 73% और अपने IPO प्राइस ₹76 प्रति शेयर से लगभग 44% नीचे है। फिलहाल आठ एनालिस्ट ओला इलेक्ट्रिक को ट्रैक कर रहे हैं। इनमें से तीन ने 'बाय' रेटिंग दी है, एक ने 'होल्ड' की सलाह दी है जबकि चार ने स्टॉक पर 'सेल' कॉल दी है। Emkay ने शेयर पर सबसे ज्यादा प्राइस टारगेट ₹65 प्रति शेयर रखा है जबकि कोटक सिक्योरिटीज ने सबसे कम टारगेट ₹25 रखा है।
कंपनी के लिए पॉजिटिव खबर
वाहन डेटा के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक ने दिसंबर में 9,020 वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया। इस महीने इसका मार्केट शेयर नवंबर 2025 के 7.2% से बढ़कर 9.3% हो गया। हाल ही में कंपनी ने बताया कि उसकी बाजार हिस्सेदारी दिसंबर 2025 में औसतन 9.3 प्रतिशत रही जबकि महीने के दूसरे पखवाड़े में यह बढ़कर लगभग 12 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो मांग में तेज सुधार को दर्शाता है। ओला इलेक्ट्रिक ने इस बढ़त का श्रेय अपने सेवा सुधार कार्यक्रम को देते हुए कहा कि ‘हाइपरसर्विस’ कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत लंबित मामलों के निपटान, कार्यबल क्षमता बढ़ाने, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और ग्राहक स्वयं-सेवा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।
कंपनी ने बताया कि दिसंबर 2025 में बाजार हिस्सेदारी में सुधार के दम पर उसने तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब एवं हरियाणा सहित करीब एक दर्जन राज्यों में शीर्ष तीन ईवी कंपनियों में अपनी स्थिति फिर से बना ली है। कंपनी को अब ₹3,000 करोड़ से ₹3,200 करोड़ के बीच रेवेन्यू की उम्मीद है, जो पहले के ₹4,200 करोड़ से ₹4,700 करोड़ के अनुमान से काफी कम है। ऑटो बिजनेस मार्जिन अब लगभग 5% रहने का अनुमान है।





