लगातार 10वें दिन भी गिरा ओला का शेयर, अब सीएफओ के इस्तीफे के बाद और बुरा हाल
Ola Electric Mobility Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयर मंगलवार, 20 जनवरी को लगातार 10वें सत्र में भी गिरावट है। सीएफओ हरीश अबिचंदानी के इस्तीफे के बाद शेयर में एक और 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 33.82 रुपये पर आ गया।

Ola Electric Mobility Share Price: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के शेयर मंगलवार, 20 जनवरी को लगातार 10वें सत्र में भी गिरावट है। मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) हरीश अबिचंदानी के इस्तीफे के बाद शेयर में एक और 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 33.82 रुपये पर आ गया। इस 10-दिवसीय मंदी के दौरान शेयर ने लगभग 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की है।
नए सीएफओ की नियुक्ति
ओला ने सोमवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि हरीश अबिचंदानी के 19 जनवरी, 2026 की शाम से कंपनी के सीएफओ पद से इस्तीफे दे दिया है। अबिचंदानी ने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताए हैं। साथ ही, बोर्ड ने दीपक रस्तोगी की नियुक्ति सीएफओ के रूप में मंजूर की है, जो 20 जनवरी, 2026 से प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक और वरिष्ठ प्रबंधन टीम का हिस्सा भी होंगे।
रस्तोगी इससे पहले प्रॉपर्टी डेवलपर पुरवंकरा के ग्रुप फाइनेंस चीफ थे। इससे पहले दिसंबर में, ओला में वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिक और बिजनेस हेड - सेल, विशाल चतुर्वेदी ने भी निजी प्रतिबद्धताओं के कारण अपना इस्तीफा दे दिया था।
लगातार चौथे महीने शेयर में कमजोरी
इस साल के पहले तीन ट्रेडिंग सेशन को छोड़कर, ओला इलेक्ट्रिक का शेयर जनवरी के अन्य सभी सत्रों में नीचे रहा है, जिससे इसमें 6 प्रतिशत की मासिक गिरावट दर्ज हुई है। यह ईवी निर्माता कंपनी के लिए लगातार चौथा मासिक नुकसान है, जो 2024 में अपने शेयर बाजार में एंट्री के बाद से अधिकांश समय से गिरावट के दौर में है।
दिसंबर में बिक्री के आंकड़े रहे मजबूत
जनवरी के पहले कुछ सत्रों में दिसंबर के लिए बिक्री के मजबूत आंकड़े पेश करने के बाद शेयर अपने ऑल-टाइम लो स्तर 30 रुपये के आसपास से ऊपर उठा था। ओला ने कहा कि दिसंबर में 9,020 वाहनों के रजिस्ट्रेशन के साथ, कंपनी ने नवंबर 2025 के 7.2 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर में अपना बाजार हिस्सा बढ़ाकर 9.3 प्रतिशत कर लिया। इसके अलावा, वाहन डेटा के अनुसार, दिसंबर 2025 के दूसरे पखवाड़े में कंपनी का बाजार हिस्सा बढ़कर लगभग 12 प्रतिशत हो गया, जो मांग और बाजार हिस्सेदारी में स्पष्ट वृद्धि को दर्शाता है।
शेयर इस साल अबतक 55% नीचे
हालांकि, इस वर्ष अब तक ओला इलेक्ट्रिक के शेयर 55 प्रतिशत नीचे हैं। अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 146.38 रुपये से, शेयर में 77 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इसकी आईपीओ कीमत 76 रुपये प्रति शेयर से भी अभी यह आधे से अधिक नीचे आ चुका है। पिछले साल अगस्त में अपनी लिस्टिंग के बाद से, इस शेयर ने पांच पूर्ण तिमाहियों में से चार में नकारात्मक रिटर्न दिया है।
कंपनी ने अभी तक 31 दिसंबर को समाप्त हुए तिमाही के लिए अपना शेयरधारिता पैटर्न सार्वजनिक नहीं किया है। कंपनी ने दिसंबर महीने में समाप्त हुई तिमाही के अपने नतीजे भी अभी तक जारी नहीं किए हैं।
प्रमोटर बेच चुके हैं 300 करोड़ रुपये के शेयर
ओला इलेक्ट्रिक दिसंबर में सुर्खियों में तब आया था जब इसके प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने लगभग 300 करोड़ रुपये के अपने कुछ शेयर बेचे थे। कंपनी का कहना है कि यह कदम केवल प्रमोटर स्तर के लगभग 260 करोड़ रुपये के कर्ज को पूरी तरह चुकाने और पहले गिरवी रखे गए सभी 3.93% शेयरों को मुक्त कराने के लिए उठाया गया था, जिससे अब कोई भी प्रमोटर शेयर गिरवी नहीं रह गए हैं।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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