पेट्रोल-डीजल यूजर्स सावधान! कच्चे तेल की कीमतों ने फिर दिखाई तेजी, क्या अब फिर बढ़ेंगे दाम?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुख्य बातें

  • वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और ब्रेंट क्रूड की कीमत 78 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है
  • निवेशकों की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति की स्थिति पर बनी हुई है
  • अमेरिका-ईरान वार्ता और शिपिंग गतिविधियों में सुधार के बावजूद सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है
oil price

भारत समेत पूरी दुनिया की नजर इस समय कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर टिकी हुई है। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन निवेशक अभी भी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल की आपूर्ति कितनी तेजी से सामान्य हो पाती है। यही कारण है कि तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

दरअसल, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) वैश्विक तेल व्यापार का बेहद अहम केंद्र है। दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद इस क्षेत्र में तेल आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई थीं। हालांकि, बाद में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई और अमेरिका ने ईरान को 60 दिनों की प्रतिबंध राहत (Sanctions Waiver) दी, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली। इसी वजह से सोमवार को तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली थी।

लेकिन, एक्सपर्ट का मानना है कि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि यदि ईरान समझौते का पालन नहीं करता या फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में बाधा डालता है तो अमेरिका फिर से सख्त कदम उठा सकता है। दूसरी ओर ईरान ने भी अपनी सुरक्षा चिंताओं को लेकर कई बयान दिए हैं। ऐसे में निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है।


एक्सपर्ट का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लाना आसान काम नहीं होगा। इसके लिए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, तेल कुओं को फिर से शुरू करना, इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे कई जटिल काम करने होंगे। यही वजह है कि कई शिपिंग कंपनियां अभी भी इस क्षेत्र में संचालन को लेकर सावधानी बरत रही हैं।

इस बीच वैश्विक तेल भंडार (Oil Inventories) भी चिंता का विषय बने हुए हैं। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने के कारण कई देशों के तेल भंडार घट गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन भंडारों को फिर से भरने में काफी समय लग सकता है। जब तक खाड़ी देशों से नियमित रूप से तेल की आपूर्ति शुरू नहीं हो जाती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने भी हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान जारी रहता है, तो वैश्विक तेल बाजार को पूरी तरह स्थिर होने में 2027 तक का समय लग सकता है। उनके अनुसार लंबे समय तक बाधा रहने पर हर सप्ताह लगभग 10 करोड़ बैरल तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

वहीं, मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने तेल बाजार को ‘’Race Against Time'' बताया है। ब्रोकरेज का कहना है कि फिलहाल अमेरिका के बढ़े हुए तेल निर्यात और चीन की अपेक्षाकृत कमजोर मांग ने कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद की है। लेकिन, अगर जून के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं बनी रहती हैं, तो वैश्विक आपूर्ति फिर से दबाव में आ सकती है और तेल की कीमतों में नई तेजी देखने को मिल सकती है।

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए भी यह स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो पेट्रोल, डीजल और अन्य फ्यूल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, बाजार राहत की उम्मीद कर रहा है, लेकिन आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी या फिर दुनिया को एक और ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

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