Petrol Diesel Rates Today: 74 डॉलर के नीचे आया कच्चा तेल, चेक करें पेट्रोल-डीजल के नए रेट
मुख्य बातें
- क्रूड ऑयल की कीमत युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से सिर्फ 1 डॉलर दूर रह गई है
- आज भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में 88.66 रुपये और डीजल 84.56 रुपये लीटर है
- सबसे महंगा पेट्रोल आंध प्रदेश के चित्तूर में 118.34 और डीजल 106.06 रुपये लीटर है

Oil Price Crash: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड बुधवार को करीब 4% टूटने के बाद गुरुवार को भी 73 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अब इसकी कीमत युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से सिर्फ 1 डॉलर दूर रह गई है। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
भारत में पेट्रोल-डीजल के नए रेट भी जारी हो गए हैं। आज भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में 88.66 रुपये और डीजल 84.56 रुपये लीटर है। जबकि, सबसे महंगा पेट्रोल आंध प्रदेश के चित्तूर में 118.34 और डीजल 106.06 रुपये लीटर है। भारत में सबसे सस्ता और सबसे महंगा पेट्रोल के बीच का अंतर करीब 30 रुपये का है। अगर डीजल की बात करें तो यह अंतर 21.5 रुपये लीटर पड़ रहा है।
ऑयल मार्केट में अचानक बढ़ी सप्लाई और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के संकेतों ने कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है। दोनों देशों ने शुरुआती बातचीत में प्रगति का दावा किया है। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही भी बढ़ने लगी है। साथ ही मध्य-पूर्व और अफ्रीका के कई उत्पादक देशों ने खरीदारों को अधिक मात्रा में तेल की पेशकश शुरू कर दी है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई है।
युद्ध के दौरान आई तेजी लगभग खत्म
ब्लूमबर्ग के मुताबिक युद्ध के दौरान ब्रेंट क्रूड 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जबकि WTI 119 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया था। अब ब्रेंट करीब 73 डॉलर और WTI करीब 70 डॉलर पर आ गया है। यानी युद्ध के दौरान आई लगभग पूरी तेजी खत्म हो चुकी है। बाजार में पहली बार युद्ध शुरू होने के बाद 'कॉन्टैंगो' की स्थिति भी देखने को मिली है, जिसे अतिरिक्त सप्लाई का संकेत माना जाता है।
ईरानी तेल की वापसी भी बनी वजह
अमेरिका ने पहले से लदे हुए ईरानी तेल की खरीद पर अस्थायी छूट दी है। इससे आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार में और तेल उपलब्ध हो सकता है। हालांकि बीमा और फाइनेंसिंग से जुड़ी कुछ बाधाएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
भारत के लिए क्या होगा फायदा?
भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल कम हो सकता है, महंगाई पर दबाव घट सकता है और सरकारी तेल कंपनियों की लागत भी कम होगी। अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है।
पेट्रोल-डीजल के आज के रेट
दिल्ली में पेट्रोल 102.12 और डीजल 95.20 रुपये लीटर है। कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल की कीमत आज 113.51 रुपये और डीजल की कीमत 99.82 रुपये है। लखनऊ में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत आज 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर है। अयोध्या में पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर है। जबकि, चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये लीटर है। मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के दाम 111.21 और डीजल की कीमत 97.83 रुपये है। जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये लीटर है। पटना में 1 लीटर पेट्रोल का दाम 112.70 रुपये और डीजल का दाम 99.87 रुपये है।
लखनऊ में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत आज 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये लीटर है। अयोध्या में पेट्रोल 102.4 और डीजल 97.87 रुपये लीटर है। भोपाल में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 114.65 रुपये और डीजल की 99.74 पर है। इंदौर में आज एक लीटर पेट्रोल की कीमत 114.61 और डीजल की 99.70 रुपये है। रायपुर पेट्रोल 107.96 और डीजल 101.17 रुपये लीटर है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


