पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार की एडवाइजरी, ग्राहकों से पंप मालिक तक पर पड़ेगा असर
एडवाइजरी में कहा गया कि पेट्रोल या डीजल को ढीले या अनुपयुक्त कंटेनरों में न लें और न ही घरों में स्टोर करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।

ईरान की अमेरिका और इजराइल से छिड़ी जंग ने भारत में ईंधन का संकट खड़ा कर दिया है। सरकार की ओर से बार-बार भरोसा दिए जाने के बाद भी लोगों में बेचैनी है। इसी बेचैनी की वजह से लोग पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी सिलेंडर तक स्टोर करने लगे हैं। ऐसे हालात को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया कि पेट्रोल या डीजल को ढीले या अनुपयुक्त कंटेनरों में न लें और न ही घरों में स्टोर करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।
इसके साथ ही पेट्रोल पंपों को भी सख्त निर्देश दिया गया है कि वे ईंधन वितरण के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि हाल ही में चेन्नई के एक पेट्रोल पंप पर उपभोक्ता को ढीले कंटेनर में पेट्रोल दिया जा रहा था। इसके बाद संबंधित पेट्रोल पंप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
क्या कहा मंत्रालय ने?
X पर एक पोस्ट में मंत्रालय ने कहा- देश भर के खुदरा दुकानों पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे खुले या अनुचित डिब्बों में ईंधन न लें और न ही उसका भंडारण करें, क्योंकि इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे पैदा होते हैं। मंत्रालय के पोस्ट में आगे कहा गया है- यह जानकारी मिली है कि तमिलनाडु की एक खुदरा दुकान पर पेट्रोल खुले डिब्बे में लिया जा रहा था, जो असुरक्षित और अनुचित है। इसके साथ ही सभी पेट्रोल पंप संचालकों और डीलरों को भी निर्देश दिया गया है कि वे ईंधन वितरण के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी रिटेल आउटलेट पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, इंडियन ऑयल ने बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों और अन्य कंटेनरों में पेट्रोल न बेचने का निर्देश दिया है क्योंकि पेट्रोल पंप के सामने कतार में खड़े वाहन चालक घबराहट में ईंधन भरवा रहे हैं। इंडियन ऑयल के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में ऐसी कई घटनाएं सामने आ रही हैं जहां बड़ी संख्या में ग्राहक खुदरा दुकानों पर जा रहे हैं और बाजार में मची अफरा-तफरी का हवाला देते हुए बोतलों और अन्य असुरक्षित कंटेनरों में ईंधन की मांग कर रहे हैं। बता दें कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट के कारण आपूर्ति में कमी की आशंकाओं के बीच लोगों ने बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल की घबराहट में खरीदारी शुरू कर दी है।
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