व्हिस्की बनाने वाली कंपनी का आ रहा IPO, क्या है इश्यू प्राइस, जानें सबकुछ
- बता दें कि ICICI सिक्योरिटीज, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट और ITI कैपिटल लिमिटेड इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। कंपनी के इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।

ऑफिसर्स चॉइस व्हिस्की बनाने वाली कंपनी एलाइड ब्लेंडर्स का 1500 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 25 जून को खुलेगा। कंपनी ने गुरुवार को इसके लिए प्राइस बैंड 267-281 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह आईपीओ 25 से 27 जून तक खुला रहेगा। एंकर (बड़े) निवेशक 24 जून को शेयर खरीद सकेंगे। ब्रोकिंग कंपनियों ने इश्यू के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण 7,860 करोड़ रुपये आंका है।
आईपीओ की डिटेल
आईपीओ में 1,000 करोड़ रुपये मूल्य के नए इक्विटी शेयरों का इश्यू है। इसके अलावा, प्रमोटर्स द्वारा 500 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी है। इस ओएफएस के तहत, बीना किशोर छाबड़िया, रेशम छाबड़िया, जीतेन्द्र हेमदेव और नीशा किशोर छाबड़िया शेयर बेचेंगे। नए इश्यू से प्राप्त 720 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग कर्ज भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, एक हिस्सा सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा। बता दें कि दिसंबर, 2023 तक कंपनी के खातों पर कुल कर्ज करीब 808 करोड़ रुपये था।
बता दें कि ICICI सिक्योरिटीज, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट और ITI कैपिटल लिमिटेड इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। कंपनी के इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
कंपनी के बारे में
एलाइड ब्लेंडर्स भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पेय पदार्थों के निर्माण, विपणन और बिक्री में शामिल है। कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में व्हिस्की, ब्रांडी, रम और वोदका सहित भारतीय निर्मित विदेशी शराब के अलग-अलग ब्रांड शामिल हैं। इसके अंतर्गत ब्रांड ऑफिसर चॉइस व्हिस्की, स्टर्लिंग रिजर्व व्हिस्की, जॉली रोजर रम और क्लास 21 वोदका हैं।
कंपनी के नतीजे
मुंबई स्थित शराब निर्माता कंपनी ने मार्च 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए 1.6 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.5 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि के दौरान परिचालन से राजस्व 17.2 प्रतिशत बढ़कर 3,146.6 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2023 को समाप्त नौ महीने की अवधि में प्रॉफिट सालाना आधार पर 46.8 प्रतिशत बढ़कर 4.2 करोड़ रुपये हो गया और राजस्व एक साल पहले की अवधि की तुलना में 7.8 प्रतिशत बढ़कर 2,560.3 करोड़ रुपये हो गया।




