एनएसई IPO पर सेबी चेयरमैन का अहम बयान, मार्च तक लिस्टिंग का है अनुमान
संक्षेप: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम का इंतजार है। इस आईपीओ की लॉन्चिंग को लेकर शेयर बाजार को रेग्युलेट करने वाली संस्था सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने एक अहम बयान दिया है।
लंबे समय से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का इंतजार है। इस आईपीओ की लॉन्चिंग को लेकर अब सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने एक अहम बयान दिया है। शेयर बाजार को रेग्युलेट करने वाली संस्था सेबी के चेयरमैन ने कहा कि लंबे समय से लंबित यह आईपीओ जल्द ही आएगा। तुहिन पांडेय ने कहा कि उनकी पूर्ववर्ती माधवी पुरी बुच के जाने के बाद सेबी ने हितों के टकराव के खुलासे से संबंधित एक व्यवस्था बनाने के लिए एक समिति का गठन किया था। यह समिति 10 नवंबर तक अपने सुझाव दे सकती है। एनएसई के आईपीओ को लेकर पूछे गए एक सवाल पर पांडेय ने कहा कि यह जल्द ही आएगा। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई विस्तृत जानकारी या समय-सीमा नहीं बताई।

बता दें कि एनएसई दुनिया का सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज और वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा इक्विटी एक्सचेंज है। यह दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज भी है और वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंजेज (डब्ल्यूएफई) के अनुसार, 2024 के अंत तक गैर-सूचीबद्ध शेयरों के बाजार पूंजीकरण के हिसाब से छठा सबसे बड़ा एक्सचेंज होगा।
कब तक लिस्टिंग का है अनुमान?
हालांकि, मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ की एक रिपोर्ट बताती है कि एनएसई आईपीओ के लिए आवेदन मार्च 2026 के आसपास खुलने की उम्मीद है। एनएसई को जल्द ही अपना आईपीओ प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने के लिए सेबी की मंजूरी मिल सकती है, बशर्ते चल रहे को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों का निपटारा हो जाए। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सेबी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के बाद एनएसई को अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) तैयार करने में थोड़ा समय लगेगा। अगर सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहा, तो एनएसई चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही) तक बीएसई में सूचीबद्ध हो सकता है।
म्यूचुअल फंड उद्योग और बिकवाल पर क्या बोले?
म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए खर्च अनुपात से जुड़ी चिंताओं पर तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि शुल्क संरचनाओं पर सेबी का हालिया ड्राफ्ट स्पष्टता करने और किसी भी विसंगति को दूर करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा, '' ड्राफ्ट में जो संकेत दिया गया है, वह उद्योग और निवेशक के हितों में सामंजस्य स्थापित करने का एक व्यावहारिक तरीका है। हमें संतुलन बनाना होगा। हम कह रहे हैं कि हमें और अधिक पारदर्शी होने की जरूरत है। निवेशकों को इसकी जानकारी होनी चाहिए।''
भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर पांडेय ने कहा कि 900 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति रखने वाले निवेशकों के एक समूह द्वारा चार अरब डॉलर की बिकवाली उन्हें बेवजह चिंतित नहीं करती है।





