
आ रहा इस साल का मोस्ट अवेटेड IPO, इतिहास रचने की है तैयारी! मार्च में पेपर जमा करेगी कंपनी
इसके लिए एक्सचेंज इन्वेस्टमेंट बैंकों और लॉ फर्म्स के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि IPO की संरचना तय की जा सके और निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सके। अगर यह इश्यू आता है, तो यह भारत के अब तक के सबसे बड़े IPOs में से एक हो सकता है।
NSE IPO: भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, NSE मार्च के अंत तक अपने पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की तैयारी में है। इसके लिए एक्सचेंज इन्वेस्टमेंट बैंकों और लॉ फर्म्स के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि IPO की संरचना तय की जा सके और निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सके। अगर यह इश्यू आता है, तो यह भारत के अब तक के सबसे बड़े IPOs में से एक हो सकता है।
क्या है डिटेल
हालांकि, NSE ने अभी यह साफ नहीं किया है कि IPO में कंपनी अपनी कितनी हिस्सेदारी बाजार में उतारेगी। अनलिस्टेड शेयरों के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, NSE की मौजूदा वैल्यूएशन करीब $55 बिलियन (लगभग ₹5 लाख करोड़) आंकी जा रही है। फिलहाल इसके अनलिस्टेड शेयर ₹2,000 से ज्यादा के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सेबी से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद बैंकरों और कानूनी सलाहकारों की औपचारिक नियुक्ति की जाएगी। NSE ने इस खबर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बता दें कि NSE की लिस्टिंग में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज और भारत का सबसे बड़ा ब्रोस करीब 2016 से लिस्ट होने की कोशिश कर रहा है। लेकिन को-लोकेशन मामले में निष्पक्ष बाजार पहुंच से जुड़े आरोपों और नियामकीय जांच के चलते इसकी राह अटक गई। यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। पिछले साल NSE ने इस केस को सुलझाने के लिए ₹1,387 करोड़ का सेटलमेंट ऑफर दिया था, जिस पर सेबी अब भी विचार कर रहा है।
क्या है डिटेल
IPO को और जटिल बनाने वाली एक बड़ी वजह NSE का विशाल शेयरहोल्डर बेस है। फिलहाल NSE के पास करीब 1.78 लाख शेयरधारक हैं, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनी बन जाती है। सूत्रों के अनुसार, IPO डॉक्यूमेंट्स तैयार करने वाले वकील ऐसे सिस्टम पर काम कर रहे हैं, जिससे इतने बड़े निवेशक आधार को न्यायसंगत एग्जिट मिल सके। लंबे समय से निवेश किए बैठे बैंकों और विदेशी संस्थागत निवेशकों को प्राथमिकता मिल सकती है। NSE के प्रमुख निवेशकों में LIC, SBI, Temasek, Morgan Stanley और Canada Pension Plan जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिससे इस IPO पर पूरे बाजार की नजर टिकी हुई है।





