ग्रे मार्केट में बिगड़ी NSE के शेयरों की चाल, लुढ़ककर 191 रुपये पर पहुंचा प्रीमियम
मुख्य बातें
- ग्रे मार्केट में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों का प्रीमियम लुढ़ककर 191 रुपये पहुंच गया है
- कुछ दिन पहले NSE के शेयर ग्रे मार्केट में 310 रुपये के प्रीमियम के साथ कारोबार कर रहे थे
- NSE का आईपीओ दांव लगाने के लिए 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक ओपन रहेगा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने आईपीओ के प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। NSE ने आईपीओ का प्राइस बैंड 1700 रुपये से 1785 रुपये फिक्स किया है। हालांकि, इधर ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों की चाल बिगड़ गई है। ग्रे मार्केट में NSE के शेयरों का प्रीमियम लुढ़ककर 191 रुपये पर आ गया है। कुछ दिन पहले, एक्सचेंज के शेयर ग्रे मार्केट में 310 रुपये के प्रीमियम के साथ कारोबार कर रहे थे।
1 लॉट के लिए आम निवेशकों को लगाने होंगे 14,280 रुपये
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ में आम निवेशक कम से कम 1 लॉट और अधिकतम 14 लॉट के लिए दांव लगा सकते हैं। आईपीओ की एक लॉट में 8 शेयर हैं। यानी, आम निवेशकों को एक लॉट के लिए 14,280 रुपये का निवेश करना होगा। NSE का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17 सितंबर को खुलेगा और यह 21 सितंबर तक ओपन रहेगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ का टोटल साइज 22,562 करोड़ रुपये तक का है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे। NSE ने अपने आईपीओ में एंप्लॉयीज को 170 रुपये का डिस्काउंट दिया है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग गुरुवार 24 सितंबर को बाजार में होगी। NSE के आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट मंगलवार 22 सितंबर को फाइनल हो सकता है।
रिटेल इनवेस्टर्स को अलॉट किया गया है इश्यू का 35% हिस्सा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पब्लिक इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स को 35 पर्सेंट हिस्सा आवंटित किया गया है। वहीं, 50 पर्सेंट हिस्सा क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है। वहीं, बाकी का हिस्सा गैर संस्थागत निवेशकों या नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए उपलब्ध होगा। प्राइस बैंड के अपर इंड पर NSE के आईपीओ की वैल्यू 22,561.57 करोड़ रुपये होगी और यह दूसरा बड़ा आईपीओ होगा। इस प्राइस पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मार्केट कैप 4.41 लाख करोड़ रुपये होगा।
IPO में कौन बेच रहा है एक्सचेंज में अपनी हिस्सेदारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ऑफर फॉर सेल (OFS) में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, एरैंड इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) पीटीई. लिमिटेड, एमएस स्ट्रैटेजिक मॉरीशस लिमिटेड, न्यू इंडिया एश्योरेंस, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी एक्सचेंज में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है, मतलब यह है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को शेयर सेल के एक भी पैसा नहीं मिलेगा।


