NSE IPO पर आया बड़ा अपडेट, चेक करें इश्यू प्राइस से लिस्टिंग डेट तक की डिटेल
मुख्य बातें
- अगर सबकुछ ठीक रहा तो एनएसई आईपीओ सितंबर के मध्य तक लॉन्च हो जाएगा और 25 सितंबर तक लिस्टिंग की उम्मीद है
- संस्थागत निवेशकों की मांग को देखते हुए आईपीओ की कीमत 2,500-2,800 रुपये प्रति शेयर तक पहुंचने की उम्मीद है

NSE IPO News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, एनएसई ने अपने आईपीओ रोडशो सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। संस्थागत निवेशकों की मांग को देखते हुए आईपीओ का इश्यू प्राइस 2,500-2,800 रुपये प्रति शेयर तक पहुंचने की उम्मीद है। मिंट की एक खबर में सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
क्या है प्लान?
मिंट को सूत्र ने बताया कि औपचारिक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और घरेलू फंडों के साथ शेष चर्चाओं के बाद लगभग दो सप्ताह में अंतिम मूल्य निर्धारित होने की उम्मीद है। रोडशो में भाग लेने वाले निवेशकों ने कट-ऑफ मूल्य के ऊपरी स्तर पर शेयर खरीदने की पेशकश की है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए यह असामान्य नहीं है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि एनएसई के अधिकारियों ने 150 में से 120 वैश्विक निवेशकों से मुलाकात की और योग्य संस्थागत खरीदारों के रूप में 1 अरब डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) की कमिटमेंट मिली है।
सूत्र के मुताबिक संभावित क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर में अमेरिका की जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, डेक्कन वैल्यू इन्वेस्टर्स, ऑलस्प्रिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग्स, ईस्ट ब्रिज कैपिटल मैनेजमेंट और इंडस कैपिटल पार्टनर्स शामिल हैं। इसके अलावा, स्विट्जरलैंड की पिक्टेट एसेट मैनेजमेंट, ब्रिटेन की एचएसबीसी और जापान की नोमुरा होल्डिंग्स भी खरीदारों की रेस में है।
कब तक लॉन्च होगा आईपीओ?
अगर सबकुछ ठीक रहा तो एनएसई आईपीओ सितंबर के मध्य तक लॉन्च हो जाएगा और 25 सितंबर तक लिस्टिंग की उम्मीद है। हालांकि, अभी सेबी की मंजूरी का इंतजार है। बता दें कि जून के महीने में एनएसई ने बाजार नियामक सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया, जो भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है। ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के माध्यम से मौजूदा शेयरधारक 148.9 मिलियन शेयर बेचेंगे। यह एनएसई में 6% हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
10 साल से था इंतजार
एनएसई आईपीओ का 10 साल से इंतजार था। स्टॉक एक्सचेंज ने सबसे पहले 2016 में अपने आईपीओ के कागजात दाखिल किए थे। इसके बाद एनएसई का को-लोकेशन स्कैंडल मुसीबत बन गया और आईपीओ में देरी हुई। जैसे-जैसे यह मामला खिंचता गया, लीडरशिप में बड़े बदलावों के बीच IPO को टाल दिया गया।
जनवरी 2026 में नए मैनेजमेंट के तहत एनएसई ने सेबी के साथ ₹1,300 करोड़ का सेटलमेंट किया और अपने आईपीओ पेपर दोबारा फाइल करने की मंजूरी हासिल की। अब आईपीओ को सेबी की हरी झंडी का इंतजार है।


